Trump का ईरान पर बड़ा बयान, रिपोर्टर को बताया ‘देशद्रोही’
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच मध्य पूर्व में बढ़ा युद्ध संकट
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच Trump का बड़ा बयान, रिपोर्टर को बताया ‘देशद्रोही’; मध्य पूर्व में बढ़ा युद्ध संकट
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर पूछे गए सवाल पर एक पत्रकार पर तीखी नाराजगी जताई। Trump ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ “पूरी सैन्य जीत” हासिल कर ली है और इस पर सवाल उठाने वालों को उन्होंने झूठा और “देशद्रोही जैसा” बताया। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।

दरअसल, द न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकार डेविड सेंगर ने Trump से सवाल किया था कि अगर अमेरिका ने ईरान के खिलाफ पूरी सैन्य जीत हासिल कर ली है, तो फिर अमेरिका अपने राजनीतिक लक्ष्य क्यों नहीं हासिल कर पाया और क्षेत्र में हमले अब भी क्यों जारी हैं। इस पर Trump भड़क गए और उन्होंने कहा कि “सिर्फ आप जैसे लोग ही सच नहीं लिखते।” उन्होंने पत्रकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह वही लिखता है जो उसके एडिटर कहते हैं और उसे अपनी रिपोर्टिंग पर शर्म आनी चाहिए।
Trump के इस बयान के बीच अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। पिछले 24 घंटों में कई बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं, जिन्होंने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।

अमेरिका और चीन के बीच भी इस मुद्दे पर बातचीत हुई। Trump और चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने माना कि मौजूदा युद्ध को खत्म किया जाना चाहिए और होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुला रहना चाहिए। हालांकि चीन ने साफ संकेत दिए कि वह सीधे तौर पर युद्ध में बड़ी भूमिका निभाने के पक्ष में नहीं है।

नई दिल्ली में हुई BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में भी ईरान मुद्दे पर सदस्य देशों के बीच एक राय नहीं बन सकी। बैठक के संयुक्त बयान में कहा गया कि सभी देशों की सोच अलग-अलग है और इस मसले पर अभी सहमति नहीं बनी है।
इसी बीच अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने दावा किया कि मौजूदा हालात के बीच चीन अमेरिका से तेल खरीद बढ़ा सकता है। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सामान्य आवाजाही पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है।
चीन ने अमेरिका और ईरान दोनों से बातचीत जारी रखने की अपील की है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि इस संकट का समाधान युद्ध नहीं बल्कि कूटनीति और स्थायी युद्धविराम से निकलेगा। दूसरी ओर जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने भी ईरान से तुरंत बातचीत शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
ईरान की राजधानी तेहरान में अमेरिका और इजराइल के हमलों से भारी तबाही हुई है। तेहरान नगर प्रशासन के अनुसार हमलों में अब तक 1260 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 51 हजार से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा 10 हजार से अधिक वाहन भी प्रभावित हुए हैं। प्रशासन के मुताबिक राजधानी में 650 से ज्यादा स्थानों पर हमलों का असर देखा गया।
उधर, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका समर्थित प्रस्ताव का समर्थन करने वाले देशों को चेतावनी दी है। ईरान का कहना है कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय समर्थन दिखाने की कोशिश कर रहा है, जबकि उसकी सैन्य कार्रवाई के लिए कोई राजनीतिक या कूटनीतिक आधार नहीं है। ईरान ने कहा कि अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो प्रस्ताव का समर्थन करने वाले देशों को भी जिम्मेदार माना जाएगा।
इस बीच अमेरिका की मध्यस्थता में इजराइल और लेबनान के बीच सीजफायर को 45 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक दोनों देशों के बीच जल्द ही नई राजनीतिक और सैन्य स्तर की बातचीत होगी, ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित की जा सके।
मध्य पूर्व में तेजी से बदलते हालात के बीच दुनिया की नजर अब अमेरिका, ईरान और इजराइल के अगले कदम पर टिकी हुई है।
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