आसलपुर-जोबनेर Railway Station को बड़ी सौगात, 19 मई से दो एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव शुरू
लीलण एक्सप्रेस और श्रीगंगानगर-कोटा सुपरफास्ट का आसलपुर-जोबनेर में नियमित स्टॉपेज
आसलपुर-जोबनेर। राजस्थान के जयपुर जिले का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रखने वाला आसलपुर-जोबनेर क्षेत्र अब रेलवे सुविधाओं के मामले में एक नई पहचान हासिल करने जा रहा है। लंबे समय से क्षेत्रवासियों द्वारा की जा रही मांग आखिरकार पूरी हो गई है। भारतीय रेलवे ने 19 मई 2026 से जयपुर-जैसलमेर लीलण एक्सप्रेस और श्रीगंगानगर-कोटा सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेनों का नियमित ठहराव आसलपुर-जोबनेर Railway Station पर शुरू करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह निर्णय क्षेत्र के विकास, शिक्षा, व्यापार और पर्यटन को नई दिशा देने वाला साबित होगा।
आसलपुर-जोबनेर क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक दृष्टि से विशेष पहचान रखता है। मां ज्वाला और आशापुरा माता रानी की पावन धरा के रूप में प्रसिद्ध यह क्षेत्र हर साल हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। इसके अलावा राजस्थान के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय हीरालाल शास्त्री की जन्मस्थली होने के कारण भी यह स्थान ऐतिहासिक महत्व रखता है। शिक्षा नगरी के रूप में पहचान रखने वाले जोबनेर में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययन के लिए आते हैं। ऐसे में रेलवे की यह नई सुविधा विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और आम यात्रियों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी।

रेलवे प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार गाड़ी संख्या 12467/12468 जयपुर-जैसलमेर लीलण एक्सप्रेस का आसलपुर-जोबनेर Railway Station पर नियमित आगमन शाम 5 बजकर 2 मिनट पर होगा और ट्रेन 5 बजकर 4 मिनट पर आगे के लिए रवाना होगी। वहीं गाड़ी संख्या 22981/22982 और 22997/22998 श्रीगंगानगर-कोटा सुपरफास्ट एक्सप्रेस का रात 10 बजकर 50 मिनट पर आगमन और 10 बजकर 52 मिनट पर प्रस्थान निर्धारित किया गया है। इसके अलावा सुबह के समय यह ट्रेन 4 बजकर 38 मिनट पर स्टेशन पहुंचेगी और 4 बजकर 40 मिनट पर रवाना होगी। रेलवे के इस निर्णय से अब क्षेत्र के लोगों को बड़े शहरों तक पहुंचने में काफी आसानी होगी।
19 मई को ट्रेनों के नियमित ठहराव के शुभारंभ के अवसर पर Railway Station परिसर में भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह, राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं झोटवाड़ा विधायक राज्यवर्धन सिंह राठौड़ तथा जयपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक रवि जैन विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। सभी अतिथि संयुक्त रूप से ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर इस नई सुविधा का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम को लेकर रेलवे प्रशासन और स्थानीय स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
रेलवे स्टेशन परिसर को विशेष रूप से सजाया जा रहा है। स्वागत द्वार, रंग-बिरंगी रोशनी और सांस्कृतिक सजावट के माध्यम से पूरे स्टेशन को उत्सव जैसा स्वरूप दिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान ट्रेन के पायलट, को-पायलट और ट्रेन मैनेजर का पारंपरिक तरीके से माला और साफा पहनाकर सम्मान किया जाएगा। इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जा सकती हैं। आसपास के गांवों और कस्बों से हजारों लोगों के समारोह में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह सुविधा लंबे समय से क्षेत्र की जरूरत थी। अब तक यात्रियों को इन ट्रेनों में सफर करने के लिए जयपुर या फुलेरा जैसे बड़े रेलवे स्टेशनों तक जाना पड़ता था। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती थी। लेकिन अब आसलपुर-जोबनेर Railway Station पर ट्रेनों के ठहराव से यात्रियों को अपने ही क्षेत्र से सीधी रेल सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और विद्यार्थियों को विशेष राहत मिलेगी।
व्यापारियों का मानना है कि रेलवे सुविधा बढ़ने से स्थानीय व्यापार को नई गति मिलेगी। क्षेत्र के कृषि उत्पाद, डेयरी व्यवसाय और छोटे उद्योगों को परिवहन में आसानी होगी। साथ ही बाहर से आने वाले व्यापारियों और पर्यटकों की संख्या भी बढ़ सकती है। पर्यटन की दृष्टि से भी यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी।
दैनिक रेल यात्री महासंघ के अध्यक्ष गोपाल कुमावत और सचिव नरेंद्र पारीक ने इस उपलब्धि को जनता के लंबे संघर्ष और सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि वर्षों से क्षेत्रवासी रेलवे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से ट्रेनों के ठहराव की मांग कर रहे थे। लगातार ज्ञापन, बैठकें और जनआंदोलन के बाद आखिरकार रेलवे प्रशासन ने जनता की मांग को स्वीकार किया। दोनों पदाधिकारियों ने रेलवे मंत्रालय, रेलवे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।
रेलवे सलाहकार समिति के सदस्यों ने भी इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव केवल सुविधा नहीं बल्कि विकास का द्वार है। इससे शिक्षा, रोजगार, पर्यटन और व्यापार के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे। समिति के सदस्यों ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में उद्घाटन समारोह में शामिल होने की अपील की है।
क्षेत्र के विद्यार्थियों में भी इस फैसले को लेकर काफी उत्साह है। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं जयपुर, कोटा और अन्य शहरों में पढ़ाई के लिए आते-जाते हैं। अब उन्हें यात्रा के लिए अतिरिक्त समय और खर्च नहीं उठाना पड़ेगा। रेलवे सुविधा से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को भी काफी लाभ मिलेगा।
महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने भी रेलवे के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अब यात्रा करना पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होगा। धार्मिक यात्राओं और पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए भी लोगों को आसानी होगी।
रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में यहां और ट्रेनों का ठहराव शुरू किया जाता है तो आसलपुर-जोबनेर Railway Station क्षेत्र का महत्वपूर्ण रेलवे केंद्र बन सकता है। स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का विस्तार, प्लेटफॉर्म का आधुनिकीकरण और पार्किंग जैसी सुविधाएं भी आने वाले समय में बढ़ाई जा सकती हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस उपलब्धि को क्षेत्र के विकास से जोड़कर देखा है। उनका कहना है कि रेलवे सुविधा मिलने से निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों का शहरी क्षेत्रों से संपर्क और मजबूत होगा।
क्षेत्रवासियों का मानना है कि यह केवल रेलवे का निर्णय नहीं बल्कि पूरे इलाके की उम्मीदों और सपनों की जीत है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र रेलवे सुविधाओं की कमी से जूझ रहा था, लेकिन अब यह स्थिति बदलने जा रही है।
19 मई को होने वाला यह उद्घाटन समारोह क्षेत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन के रूप में याद किया जाएगा। रेलवे स्टेशन पर पहली बार इन प्रमुख ट्रेनों के रुकने को लेकर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में उत्साह देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं।
फिलहाल पूरे आसलपुर-जोबनेर क्षेत्र में खुशी और उत्सव जैसा माहौल है। लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में रेलवे द्वारा और भी सुविधाएं दी जाएंगी तथा क्षेत्र का विकास तेजी से आगे बढ़ेगा। रेलवे की यह सौगात निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में क्षेत्र की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाएगी।
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