पाकिस्तान में Petrol-डीजल 5 रुपए सस्ता, फिर भी 400 रुपए पार कीमतें
भारत में भी बढ़े ईंधन के दाम
पाकिस्तान सरकार ने Petrol और डीजल की कीमतों में 5 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर की कटौती का ऐलान किया है। नई कीमतें 16 मई 2026 से लागू हो गई हैं। कटौती के बाद पाकिस्तान में Petrol की कीमत 409.78 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमत 409.58 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर हो गई है। हालांकि राहत मिलने के बावजूद पाकिस्तान में Petrol की कीमतें अभी भी आम लोगों की पहुंच से काफी दूर बनी हुई हैं।

हाल के महीनों में पाकिस्तान में लगातार बढ़ती महंगाई और ईंधन संकट के बीच सरकार के इस फैसले को कुछ हद तक राहत के रूप में देखा जा रहा है। खासकर मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग के लोगों को इससे थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पाकिस्तान में बड़ी संख्या में लोग रोजमर्रा की यात्रा के लिए मोटरसाइकिल, रिक्शा और छोटी गाड़ियों का इस्तेमाल करते हैं, ऐसे में Petrol की कीमतों में मामूली कमी भी आम बजट पर असर डालती है।
पाकिस्तान सरकार पिछले कुछ समय से हर शुक्रवार रात को पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों की समीक्षा कर रही है। दरअसल 28 फरवरी 2026 से अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुए तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इसका सीधा असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और Petrol आपूर्ति पर पड़ा।
पिछले हफ्ते ही पाकिस्तान सरकार ने Petrol की कीमतों में 14.92 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में करीब 15 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इससे पहले 6 मार्च को युद्ध शुरू होने के तुरंत बाद Petrol और डीजल के दामों में लगभग 55 रुपए प्रति लीटर की भारी वृद्धि की गई थी। इसके बाद 2 अप्रैल को भी Petrol की कीमतों में 43 प्रतिशत और हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में 55 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई थी।
लगातार बढ़ती Petrol कीमतों ने पाकिस्तान में आम लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं। पहले से आर्थिक संकट, महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहे लोगों के लिए Petrol के दाम बड़ी चिंता का कारण बने हुए हैं। पाकिस्तान में परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर भी असर पड़ा है।

उधर भारत में भी Petrol और डीजल की कीमतों में हाल ही में बढ़ोतरी देखने को मिली। 15 मई को भारत में Petrol और डीजल के दाम 3-3 रुपए प्रति लीटर बढ़ाए गए थे। इसके बाद दिल्ली में Petrol की कीमत 97.77 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 90.67 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई। वहीं तेल कंपनियों ने CNG की कीमतों में भी बढ़ोतरी की है। दिल्ली में अब एक किलो CNG के लिए लोगों को 79.09 रुपए तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि Petrol-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार प्रभावित हुआ है। युद्ध शुरू होने से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल थी, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है।
क्रूड ऑयल महंगा होने से तेल आयात करने वाले देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ जाता है। पाकिस्तान जैसे देशों के लिए स्थिति और ज्यादा गंभीर हो जाती है, क्योंकि वहां पहले से विदेशी मुद्रा संकट और आर्थिक अस्थिरता बनी हुई है। वहीं भारत में भी तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ने के कारण Petrol और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी करनी पड़ी है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी लंबे समय तक बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में Petrol और डीजल के दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ेगा और महंगाई में भी इजाफा हो सकता है।
विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि ईंधन की कीमतें बढ़ने से परिवहन लागत बढ़ती है, जिसका असर हर सेक्टर पर दिखाई देता है। खाद्य वस्तुओं, सब्जियों, दूध और रोजमर्रा के सामानों की कीमतों में तेजी आने लगती है। यही वजह है कि Petrol-डीजल की कीमतों को किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
फिलहाल पाकिस्तान में 5 रुपए प्रति लीटर की कटौती से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन 400 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा की Petrol कीमतें अब भी आम जनता के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। वहीं भारत में भी तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर लोगों की चिंता बनी हुई है। अब सभी की नजर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच हालात पर टिकी हुई है।
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