भूमाफिया का ‘खाकी कवच’, करोड़ों की जमीन हड़पने के आरोप से मचा हड़कंप

प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला का दावा—बीमार बुजुर्ग से जबरन कराए हस्ताक्षर, विरोध करने पर भांजे को जेल भेजा; पुलिस ने आरोपों को बताया निराधार
बरेली। प्रेमनगर क्षेत्र निवासी अनीता मौर्य ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस और कथित भूमाफियाओं पर करोड़ों रुपये की पैतृक जमीन हड़पने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पूरे मामले में बीमार बुजुर्ग का फायदा उठाकर जमीन की रजिस्ट्री कराने का प्रयास किया गया और विरोध करने पर उनके परिवार को धमकाया गया। वहीं पुलिस ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कार्रवाई को पूरी तरह विधिसम्मत बताया है।
भूमाफिया का ‘खाकी कवच: बीमार बुजुर्ग को जबरन ले जाकर हस्ताक्षर कराने का आरोप
अनीता मौर्य के अनुसार, उनके नंदोई दाताराम मौर्य की इज्जतनगर क्षेत्र स्थित पैतृक जमीन का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि दाताराम की खराब स्वास्थ्य स्थिति का लाभ उठाते हुए 18 जुलाई को कुछ लोग उन्हें कथित रूप से बैंक से जबरन गाड़ी में बैठाकर ले गए। रास्ते में उन्हें धमकाया गया और कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा लिए गए। यह पूरा घटनाक्रम अनीता मौर्य के मुताबिक पूर्व नियोजित तरीके से अंजाम दिया गया, जिसमें बुजुर्ग की बीमारी और असहाय स्थिति का फायदा उठाया गया।
भूमाफिया का ‘खाकी कवच: रजिस्ट्री रोकने के लिए परिजनों ने की शिकायत
महिला का कहना है कि इसके बाद संबंधित पक्ष ने रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचकर जमीन की रजिस्ट्री कराने का प्रयास किया। हालांकि परिजनों को इसकी जानकारी मिल गई और उन्होंने तत्काल निबंधक कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर आपत्ति दर्ज कराई। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद कथित तौर पर रजिस्ट्री की प्रक्रिया रुक गई। परिजनों की सतर्कता के चलते समय रहते इस मामले में हस्तक्षेप हो सका, जिससे रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई।
धमकी और मुकदमे में फंसाने का आरोप
अनीता मौर्य ने आरोप लगाया कि अगले ही दिन पुलिसकर्मी उनके नंदोई के घर पहुंचे और मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। उनका कहना है कि बाद में परिवार के लोगों को कोतवाली बुलाकर सादे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए। उन्होंने दावा किया कि पुलिस की ओर से कथित रूप से कहा गया कि पहले जमीन की रजिस्ट्री कराओ, तभी बेटे को छोड़ा जाएगा। यह आरोप पूरे प्रकरण में सबसे गंभीर बिंदु है, क्योंकि इसमें सीधे तौर पर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
भांजे को तीन दिन थाने में बैठाकर जेल भेजने का आरोप
महिला का आरोप है कि जब परिवार ने रजिस्ट्री कराने से इनकार कर दिया तो उनके भांजे रजत मौर्य को तीन दिन तक थाने में अवैध रूप से बैठाए रखा गया। इसके बाद उन्हें एक मुकदमे में नामजद कर जेल भेज दिया गया। परिवार का मानना है कि यह पूरी कार्रवाई केवल रजिस्ट्री पर दबाव बनाने के मकसद से की गई, ताकि विरोध करने वाले परिवार को झुकाया जा सके।
अन्य लोगों पर भी लगाए गंभीर आरोप
प्रेस वार्ता में अनीता मौर्य ने सुनित अग्रवाल, हरीश सहित अन्य लोगों पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि लगातार परिवार पर जमीन की रजिस्ट्री कराने का दबाव बनाया जा रहा है और विरोध करने पर जान से मारने तथा झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने सभी आरोपों को बताया निराधार
उधर, इस मामले में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सिंह ने कहा कि संबंधित प्रकरण में पूर्व में विधिक कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया जा चुका है तथा नामजद आरोपी को जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि आरोपी के परिजनों द्वारा पुलिस पर लगाए जा रहे सभी आरोप तथ्यहीन, निराधार और भ्रामक हैं। पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों एवं विधिक प्रावधानों के अनुरूप ही समस्त कार्रवाई की है।
दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग, मामला न्यायालय में विचाराधीन
फिलहाल एक पक्ष गंभीर आरोप लगा रहा है, जबकि पुलिस ने सभी आरोपों से इनकार किया है। मामले से जुड़ा विवाद न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है। ऐसे में पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

