अपराध नियंत्रण के साथ जनसेवा में भी अग्रणी राजस्थान पुलिस

साइबर पीड़ित को राहत, खोया बैग लौटाया, बिखरता परिवार जोड़ा, महिला की चेन बचाई और मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को परिजनों से मिलाया
जयपुर/अजमेर, 1 अगस्त। महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में राजस्थान पुलिस अपराध नियंत्रण के साथ-साथ जनसेवा, संवेदनशीलता और मानवीय पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। ऐसे ही कुछ उदाहरण अजमेर पुलिस ने प्रस्तुत किए है जहां जिला पुलिस अधीक्षक श्री हर्षवर्धन अग्रवाला के नेतृत्व में अलग-अलग मामलों में पुलिस अधिकारियों एवं कार्मिकों की तत्परता, ईमानदारी और मानवीय कार्यशैली से न केवल पीड़ितों को राहत मिली, बल्कि समाज में पुलिस के प्रति विश्वास भी और मजबूत हुआ। उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस कार्मिकों को जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशंसा पत्र एवं प्रोत्साहन प्रदान किया गया।
कैंसर पीड़िता के इलाज हेतु बैंक खाता अनफ्रीज कराया
कृष्णगंज थाना में दर्ज साइबर धोखाधड़ी के एक प्रकरण की जांच के दौरान पुलिस ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हरियाणा निवासी एक खाताधारक को राहत प्रदान की। जांच में संबंधित खाते में साइबर ठगी की 3,600 रुपये की राशि मिलने पर खाता फ्रीज किया गया था। बाद में यह सामने आया कि खाताधारक स्वयं साइबर ठगी का शिकार है और उसकी माता कैंसर से पीड़ित हैं। हेड कांस्टेबल रामदयाल ने स्थानीय पुलिस से सत्यापन कर आवश्यक कार्रवाई करवाई तथा प्रकरण से संबंधित राशि सुरक्षित रखते हुए शेष राशि के उपयोग की अनुमति दिलाई, जिससे पीड़ित अपनी माता का उपचार और ऑपरेशन करा सका। खाताधारक ने ई-मेल के माध्यम से अजमेर पुलिस का आभार व्यक्त किया।
ईमानदारी की मिसाल: तीन लाख रुपये से अधिक मूल्य का बैग लौटाया
रेलवे स्टेशन के बाहर ड्यूटी पर तैनात क्लॉक टावर थाना के हेड कांस्टेबल लाखन सिंह को लावारिस बैग मिला। जांच में बैग से 11,500 रुपये नकद, दो सोने की अंगूठियां, एक सोने की चेन तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले, जिनकी कुल अनुमानित कीमत करीब 3 लाख रुपये थी। राजकॉप सिटीजन पोर्टल की सहायता से बैग की स्वामिनी रेलवे कर्मचारी श्रीमती मीनाक्षी सिंह का पता लगाकर समस्त सामान सुरक्षित लौटाया गया। इस सराहनीय कार्य पर हेड कांस्टेबल लाखन सिंह को प्रशंसा पत्र एवं 5 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।
राजस्थान पुलिसमहिला थाना की काउंसलिंग से बिखरता परिवार फिर हुआ एक
महिला थाना, अजमेर ने एक वैवाहिक विवाद में धैर्यपूर्ण एवं संवेदनशील काउंसलिंग के माध्यम से पति-पत्नी के बीच आपसी मतभेद दूर कर सौहार्दपूर्ण राजीनामा कराया। थाना प्रभारी कल्पना राठौड़ एवं हेड कांस्टेबल रामसहाय के सकारात्मक प्रयासों से दोनों पक्ष पुनः साथ रहने को सहमत हुए। इस मानवीय पहल की दोनों परिवारों ने सराहना की।
राजस्थान पुलिस होमगार्ड जवान की सतर्कता से चेन स्नेचिंग की वारदात नाकाम
आदर्श नगर-लोहाखान रूट पर संचालित टेम्पो में यात्रा के दौरान एक महिला के गले से सोने की चेन छीनने का प्रयास कर रही दो महिलाओं को उसी टेम्पो में मौजूद होमगार्ड जवान धुरेन्द्र सिंह ने साहस और सूझबूझ से मौके पर ही पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची सिविल लाइन थाना पुलिस ने दोनों महिलाओं को हिरासत में लेकर उनके कब्जे से टूटी हुई सोने की चेन बरामद कर पीड़िता को लौटाई। होमगार्ड जवान धुरेन्द्र सिंह को भी प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया।
मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को परिजनों से मिलाया
रूपनगढ़ थाना क्षेत्र में मानसिक रूप से अस्वस्थ अवस्था में मिली एक महिला को पुलिस ने सुरक्षित संरक्षण में लेकर उसकी पहचान के लिए लगातार प्रयास किए। सोशल मीडिया, पुलिस नेटवर्क और स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने के बाद महिला की पहचान गीता कुमावत के रूप में हुई। आवश्यक सत्यापन के बाद महिला को सकुशल उसके परिजनों को सौंप दिया गया। इस मानवीय कार्य के लिए सहायक उपनिरीक्षक बनवारीलाल विश्नोई, कांस्टेबल गीता एवं कांस्टेबल राकेश को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों का किया सम्मानित
जिला पुलिस अधीक्षक श्री हर्षवर्धन अग्रवाला ने कहा कि अपराधों की प्रभावी जांच के साथ-साथ आमजन के प्रति संवेदनशील, मानवीय एवं सेवा-भाव से कार्य करना अजमेर पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस कार्मिकों को आगे भी इसी प्रकार प्रोत्साहित किया जाता रहेगा, ताकि पुलिस और आमजन के बीच विश्वास का संबंध और अधिक मजबूत हो सके।
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