इस हफ्ते Gold और चांदी की कीमतों में बड़ा उछाल, निवेशकों और खरीदारों की बढ़ी चिंता
Gold पहुंचा 1.58 लाख के पार, इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से तेजी; चांदी भी रिकॉर्ड स्तर के करीब
नई दिल्ली। इस हफ्ते Gold और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। लगातार बढ़ती कीमतों ने निवेशकों के साथ-साथ आम खरीदारों की चिंता भी बढ़ा दी है। एक किलो चांदी के दाम इस हफ्ते 12,900 रुपए बढ़कर 2.69 लाख रुपए प्रति किलो पहुंच गए हैं। वहीं Gold की कीमत में भी 7,132 रुपए की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

9 मई 2026 को 10 ग्राम Gold की कीमत करीब 1.51 लाख रुपए थी, जो अब बढ़कर लगभग 1.58 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इसी तरह चांदी की कीमत भी 2.56 लाख रुपए प्रति किलो से बढ़कर 2.69 लाख रुपए तक पहुंच गई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी और इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के कारण Gold और चांदी दोनों महंगे हो रहे हैं।
साल 2026 की शुरुआत से अब तक Gold की कीमत में करीब 25,015 रुपए की बढ़ोतरी हो चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम Gold की कीमत लगभग 1.33 लाख रुपए थी, जो अब बढ़कर 1.58 लाख रुपए के स्तर पर पहुंच चुकी है। वहीं चांदी भी इस दौरान 38,080 रुपए प्रति किलो तक महंगी हो चुकी है।
इस साल जनवरी में Gold और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड स्तर भी छुए थे। 29 जनवरी 2026 को Gold ने 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम का ऑलटाइम हाई बनाया था, जबकि चांदी की कीमत 3.86 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई थी। हालांकि इसके बाद बाजार में कुछ गिरावट देखने को मिली, लेकिन अब फिर से तेजी लौटती नजर आ रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, डॉलर में उतार-चढ़ाव और निवेशकों का सुरक्षित निवेश की ओर झुकाव Gold की कीमतों को लगातार ऊपर ले जा रहा है। जब भी दुनिया में आर्थिक या राजनीतिक संकट बढ़ता है, निवेशक Gold में निवेश बढ़ा देते हैं। यही वजह है कि Gold को हमेशा सुरक्षित निवेश माना जाता है।
इसी बीच केंद्र सरकार ने भी Gold और चांदी के आयात पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने सोने और चांदी पर लगने वाली ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी है। इसमें 10 प्रतिशत बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5 प्रतिशत एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) शामिल है।
सरकार के इस फैसले के बाद घरेलू बाजार में Gold और चांदी की कीमतों पर सीधा असर देखने को मिला है। ज्वेलर्स का कहना है कि बढ़ी हुई इंपोर्ट ड्यूटी के कारण आने वाले समय में Gold की कीमतों में और तेजी आ सकती है। इसका असर शादी-विवाह और त्योहारों के सीजन में खरीदारी पर भी पड़ सकता है।
बाजार जानकारों का कहना है कि Gold की कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण निवेशकों को सोच-समझकर निवेश करना चाहिए। कई लोग Gold को लॉन्ग टर्म निवेश के रूप में खरीदते हैं, क्योंकि समय के साथ इसकी कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिलती है।
विशेषज्ञों ने ग्राहकों को Gold खरीदते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है। सबसे पहले हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड Gold ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क यह बताता है कि Gold कितने कैरेट का है और उसकी शुद्धता कितनी है। बिना हॉलमार्क वाला Gold खरीदने से नुकसान होने की संभावना रहती है।
इसके अलावा ग्राहकों को Gold खरीदने से पहले उसकी कीमत अलग-अलग स्रोतों से जरूर जांच लेनी चाहिए। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) जैसी वेबसाइटों पर रोजाना Gold और चांदी के ताजा भाव जारी किए जाते हैं। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट Gold की कीमतें अलग-अलग होती हैं, इसलिए खरीदारी से पहले सही जानकारी लेना जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार और डॉलर की स्थिति के अनुसार Gold की कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है। यदि वैश्विक स्तर पर तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो Gold की मांग और कीमत दोनों में तेजी आ सकती है।
फिलहाल Gold और चांदी की बढ़ती कीमतों ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है। निवेशक लगातार बाजार पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि आम लोग बढ़ती कीमतों के बीच खरीदारी को लेकर सोच-विचार कर रहे हैं।
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