Dollar के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, पहली बार 96.14 तक पहुंचा
रुपए में लगातार गिरावट से बढ़ी चिंता, महंगाई और तेल कीमतों का बढ़ सकता है असर
भारतीय रुपया 15 मई 2026 को अमेरिकी Dollar के मुकाबले अपने इतिहास के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान रुपया 50 पैसे टूटकर पहली बार 96.14 प्रति Dollar तक पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को भी रुपया 95.64 के ऑल टाइम लो स्तर पर बंद हुआ था। पिछले कई दिनों से रुपए में लगातार कमजोरी देखने को मिल रही है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी रही और मिडिल East में तनाव कम नहीं हुआ, तो आने वाले समय में रुपया 100 प्रति Dollar के स्तर को भी छू सकता है।

साल 2026 की शुरुआत से दबाव में रुपया
रुपया इस साल की शुरुआत से ही दबाव में बना हुआ है। दिसंबर 2025 में पहली बार भारतीय मुद्रा 90 प्रति Dollar के स्तर के पार पहुंची थी। उसके बाद से लगातार कई वैश्विक और घरेलू कारणों ने रुपए को कमजोर किया है।
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि रुपए की गिरावट का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। Dollar महंगा होने से आयातित सामानों की कीमत बढ़ जाती है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है।
मिडिल East तनाव बना सबसे बड़ा कारण
रुपए में गिरावट की सबसे बड़ी वजह मिडिल East में बढ़ता तनाव माना जा रहा है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक बाजारों में डर का माहौल बना दिया है। खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट से तेल सप्लाई प्रभावित होने की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
ऐसी परिस्थितियों में दुनियाभर के निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर Dollar खरीद रहे हैं। Dollar की मांग बढ़ने से भारतीय रुपया समेत कई एशियाई मुद्राओं पर दबाव बढ़ गया है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर

भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 107 Dollar प्रति बैरल के पार पहुंच गई है।
तेल महंगा होने का मतलब है कि भारत को आयात के लिए ज्यादा Dollar खर्च करने पड़ेंगे। इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है और रुपया कमजोर होता है।
इसके अलावा महंगे तेल का असर पेट्रोल-डीजल, ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा के सामानों की कीमतों पर भी पड़ता है।
Dollar इंडेक्स की मजबूती से बढ़ा दबाव

दुनिया की प्रमुख छह मुद्राओं के मुकाबले Dollar की मजबूती मापने वाला Dollar इंडेक्स 99.05 तक पहुंच गया है। जब ग्लोबल मार्केट में Dollar मजबूत होता है, तब उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राएं कमजोर पड़ने लगती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार निवेशक इस समय जोखिम वाले बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिकी Dollar और बॉन्ड्स में निवेश कर रहे हैं।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार को ही विदेशी निवेशकों ने 4,700 करोड़ रुपए से ज्यादा के शेयर बेच दिए।
विदेशी निवेशकों के पैसा निकालने से Dollar की मांग बढ़ जाती है, जबकि भारतीय मुद्रा की उपलब्धता बढ़ने से रुपया कमजोर होता है।
महंगाई बढ़ने का खतरा
रुपए में गिरावट के कारण भारत में इंपोर्टेड इन्फ्लेशन यानी आयातित महंगाई का खतरा बढ़ गया है। थोक महंगाई दर पहले ही पिछले साढ़े तीन साल के उच्च स्तर पर पहुंच चुकी है।
अगर रुपया लगातार कमजोर होता रहा तो पेट्रोल-डीजल, LPG, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, लैपटॉप और अन्य आयातित सामान महंगे हो सकते हैं। विदेश में पढ़ाई और घूमने जाने वाले लोगों को भी ज्यादा खर्च करना पड़ेगा, क्योंकि Dollar खरीदने के लिए अब ज्यादा रुपए देने होंगे।
OPEC उत्पादन में गिरावट से संकट गहरा सकता है
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल महीने में OPEC देशों का तेल उत्पादन पिछले दो दशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। सऊदी अरामको के CEO अमीन नासिर ने चेतावनी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट में बाधा की स्थिति लंबे समय तक बनी रह सकती है।
जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट में भी कहा गया है कि अगर सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो तेल की कीमतें पूरे साल 100 Dollar के आसपास बनी रह सकती हैं।
सरकार और प्रधानमंत्री की चिंता
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल ही में विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए लोगों से फिजूलखर्ची कम करने की अपील की थी। सरकार ने कीमती धातुओं के आयात पर टैरिफ भी बढ़ाया है ताकि Dollar का बाहर जाना कम किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को रुपए को स्थिर रखने के लिए बाजार में हस्तक्षेप करना पड़ सकता है। हालांकि, आगे की स्थिति काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक हालात पर निर्भर करेगी।
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