जयपुर में फर्नीचर Factory में भीषण आग, 10 दमकलों ने 2 घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू
जगतपुरा की फर्नीचर Factory में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, लाखों का सामान जलकर राख
राजधानी जयपुर के जगतपुरा इलाके में शनिवार सुबह एक फर्नीचर Factory में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी भयानक थी कि कुछ ही देर में पूरी Factory धुएं और आग की लपटों से घिर गई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आगजनी की इस घटना में Factory में रखा लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार यह घटना जगतपुरा के रामचंद्रपुरा विधानी क्षेत्र स्थित “रामचंद्र मोतीलाल” नामक फर्नीचर Factory में हुई। शनिवार सुबह करीब 10:15 बजे Factory खुलने के कुछ ही समय बाद अचानक आग लग गई। बताया जा रहा है कि Factory के अंदर अचानक बिजली के तारों में स्पार्किंग हुई, जिसके बाद आग तेजी से फैलने लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
Factory में बड़ी मात्रा में लकड़ी, फर्नीचर और अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी, जिसके कारण आग ने तेजी से पूरी Factory को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची-ऊंची लपटें और काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगा। आसपास के लोगों में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।

Factory में मौजूद कर्मचारियों ने स्थिति बिगड़ती देख तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। कर्मचारियों की सूझबूझ के कारण कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन आग ने Factory में रखे महंगे फर्नीचर और मशीनरी को भारी नुकसान पहुंचाया।
घटना की सूचना मिलते ही सीतापुरा फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ियां मौके के लिए रवाना की गईं। फायर ऑफिसर ऊषा शर्मा ने बताया कि आग काफी भीषण थी और Factory के अंदर तक पहुंचने में काफी दिक्कत आ रही थी। आग को नियंत्रित करने के लिए फायरकर्मियों को Factory की बाहरी दीवार जेसीबी मशीन की मदद से तोड़नी पड़ी, ताकि अंदर तक पानी पहुंचाया जा सके।
करीब 10 दमकल गाड़ियों ने एक-दो फेरे लगाकर लगातार पानी की बौछार की। दमकलकर्मियों ने करीब दो घंटे तक लगातार मशक्कत कर आग पर काबू पाया। आग बुझाने के दौरान फायरकर्मियों को काफी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, क्योंकि Factory में लकड़ी और फोम जैसे ज्वलनशील पदार्थ बड़ी मात्रा में मौजूद थे।
फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आग आसपास की अन्य Factories और मकानों तक भी फैल सकती थी। ऐसे में बड़ा हादसा हो सकता था। दमकल विभाग की तत्परता के कारण आग को सीमित क्षेत्र में ही नियंत्रित कर लिया गया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। हालांकि पुलिस और फायर विभाग की टीम पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। Factory मालिक को इस घटना में लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान है। Factory में तैयार और अधूरा फर्नीचर, लकड़ी, मशीनें और अन्य सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि Factory से अचानक धुआं निकलता देख लोग घबरा गए थे। कई लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दी गई। आग बुझाने के दौरान क्षेत्र में कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में शॉर्ट सर्किट और आगजनी की घटनाएं तेजी से बढ़ती हैं। ऐसे में औद्योगिक इकाइयों और Factories में सुरक्षा उपायों का पालन करना बेहद जरूरी है। फायर सेफ्टी सिस्टम, वायरिंग की नियमित जांच और इमरजेंसी व्यवस्था मजबूत होने से इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।
फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि Factory मालिक को आर्थिक रूप से भारी नुकसान उठाना पड़ा है। पुलिस और प्रशासन की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
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