Kasganj: मासूम की हत्या से गांव में मातम, गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
Kasganj। गंजडुंडवारा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में चार वर्षीय मासूम बालिका की अपहरण के बाद हत्या किए जाने की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मासूम का शव मिलने के बाद गांव में शोक, आक्रोश और भय का माहौल बना हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार सुबह पुलिस की मौजूदगी में बालिका का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

जानकारी के अनुसार छह जून को चार वर्षीय बालिका अपने घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान वह अचानक लापता हो गई। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लग सका। अगले दिन परिजनों की तहरीर पर गंजडुंडवारा कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने बालिका की तलाश के लिए गांव और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक अभियान चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
नौ जून की सुबह गांव के बाहर स्थित मक्का के खेत में बालिका का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई कि बालिका की हत्या कर शव खेत में फेंका गया था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मंगलवार रात पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बुधवार सुबह शव गांव पहुंचा, जहां परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कराया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए अलीगढ़ से डीआईजी भी गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। परिजनों ने एक नामजद व्यक्ति पर अपहरण और हत्या का संदेह जताते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मासूम की हत्या के बाद परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों का कहना है कि यह उनके परिवार के साथ हुई तीसरी बड़ी घटना है। इससे पहले परिवार के सदस्य राकेश पुत्र जागन सिंह की हत्या कर शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया था। वहीं दो जनवरी 2026 को परिवार का 20 वर्षीय युवक ऋतिक पुत्र राकेश भी रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया था, जिसका आज तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। लगातार हो रही घटनाओं के कारण परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
परिजनों ने गांव में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि गांव की गलियों और मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं तथा पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की जाए। उनका मानना है कि इससे भविष्य में होने वाली घटनाओं पर अंकुश लगेगा और किसी भी वारदात की स्थिति में पुलिस को जांच में मदद मिलेगी।
बुधवार को राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ भी गांव पहुंचीं। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मासूम बच्ची के साथ हुई यह घटना बेहद दुखद और निंदनीय है। दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जानी चाहिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित करने की भी मांग की।
फिलहाल गांव में पुलिस की निगरानी जारी है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। पूरे क्षेत्र के लोग इस जघन्य अपराध के दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कठोर सजा की मांग कर रहे हैं।

