G7 सम्मेलन में नेताओं की अनौपचारिक बातचीत हुई रिकॉर्ड, जॉर्जिया मेलोनी की ‘सिगरेट छोड़ने’ वाली बात बनी चर्चा का विषय
पेरिस/फ्रांस। फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान एक दिलचस्प और हल्का-फुल्का वाकया सामने आया, जिसने अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। आमतौर पर वैश्विक राजनीति, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गंभीर चर्चा के लिए पहचाने जाने वाले G7 सम्मेलन में इस बार नेताओं की अनौपचारिक बातचीत चर्चा का विषय बन गई। बैठक शुरू होने से पहले विश्व नेताओं के बीच हुई बातचीत माइक्रोफोन में रिकॉर्ड हो गई, जिसमें वे सिगरेट, कॉफी, फुटबॉल और तोहफों जैसे विषयों पर मजाकिया अंदाज में बातचीत करते सुनाई दिए।

रिकॉर्ड हुई इस बातचीत में सबसे ज्यादा चर्चा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और उनकी सिगरेट छोड़ने से जुड़ी टिप्पणी की हो रही है। दरअसल, बैठक शुरू होने से पहले विभिन्न देशों के नेता आपस में अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान जॉर्जिया मेलोनी ने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्होंने आज तीन कप कॉफी पी है। उनके इस बयान पर वहां मौजूद नेताओं ने भी हल्के-फुल्के अंदाज में प्रतिक्रिया दी।
मेलोनी की बात सुनकर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने आश्चर्य जताते हुए पूछा कि क्या उन्होंने सुबह उठने के लिए इतनी कॉफी पी है। इस पर माहौल और भी हल्का हो गया। तभी जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज ने मजाकिया लहजे में उनसे पूछा कि उन्होंने कॉफी के साथ कितनी सिगरेट पी हैं। यह सवाल सुनते ही आसपास मौजूद नेताओं के चेहरों पर मुस्कान आ गई।
फ्रेडरिक मर्त्ज के सवाल का जवाब देते हुए जॉर्जिया मेलोनी ने तुरंत कहा कि उन्होंने पिछले एक महीने से सिगरेट नहीं पी है। मेलोनी के इस जवाब ने वहां मौजूद नेताओं को प्रभावित कर दिया। जैसे ही उन्होंने यह बात कही, कनाडा, ब्रिटेन, जापान और यूरोपीय संघ के कई नेताओं ने उनकी सराहना की और उन्हें बधाई दी। इस अप्रत्याशित प्रतिक्रिया से मेलोनी भी खुश नजर आईं और उन्होंने दोनों हाथ उठाकर अपनी खुशी जाहिर की।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो और बातचीत का अंश सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने भी विभिन्न प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने मेलोनी के धूम्रपान छोड़ने के फैसले की सराहना की, जबकि कुछ लोगों ने इसे सम्मेलन के गंभीर माहौल के बीच एक मानवीय और सहज पल बताया। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अक्सर नेताओं को औपचारिक और गंभीर अंदाज में देखा जाता है, लेकिन इस बातचीत ने उनके व्यक्तिगत और दोस्ताना व्यवहार की एक अलग झलक पेश की।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अवसर यह दिखाते हैं कि वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने वाले नेता भी सामान्य लोगों की तरह रोजमर्रा की बातों पर बातचीत करते हैं और आपसी संबंधों को मजबूत बनाने के लिए अनौपचारिक संवाद का सहारा लेते हैं। यही कारण है कि कई बार अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के इतर होने वाली छोटी-छोटी घटनाएं भी सुर्खियां बन जाती हैं।
G7 सम्मेलन में विश्व अर्थव्यवस्था, वैश्विक सुरक्षा, ऊर्जा संकट, जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जा रही है। हालांकि इन गंभीर मुद्दों के बीच नेताओं की यह हल्की-फुल्की बातचीत लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। विशेष रूप से जॉर्जिया मेलोनी द्वारा धूम्रपान छोड़ने की जानकारी और अन्य नेताओं द्वारा दी गई बधाई को सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के सहज और मानवीय क्षण अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को अधिक मानवीय स्वरूप प्रदान करते हैं। फिलहाल G7 सम्मेलन से जुड़ी यह बातचीत सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और दुनिया भर के लोग इसे दिलचस्प अंदाज में देख रहे हैं।

