पांच चोरी की वारदातों का खुलासा, ‘ Pankhiya Gang ’ का शातिर सदस्य गिरफ्तार
बरेली। Pankhiya Gang थाना कैंट पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए चोरी की पांच वारदातों का खुलासा किया है। पुलिस ने कुख्यात ‘Pankhiya Gang’ के एक सक्रिय और शातिर सदस्य को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस तथा चोरी के माल की बिक्री से प्राप्त 1.82 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को हाल के दिनों में हुई लगातार चोरी की घटनाओं के खिलाफ बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान सलमान पुत्र खलील निवासी ग्राम मिलक, थाना सुभाषनगर के रूप में हुई है। उसे मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर एपेक्स हॉस्पिटल से करेली जाने वाले मार्ग पर घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक अवैध तमंचा 315 बोर, एक जिंदा कारतूस और 1 लाख 82 हजार रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस का कहना है कि बरामद नकदी चोरी किए गए माल की बिक्री से प्राप्त आरोपी के हिस्से की रकम है।

पूछताछ के दौरान सलमान ने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह अपने साथियों अफरीद, मुजाहिद, कादिम रसूल और अमीर खां उर्फ मारुती के साथ मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। यह गिरोह विशेष रूप से बंद पड़े मकानों को निशाना बनाता था। पहले मकानों की रेकी की जाती थी और फिर मौका देखकर पीछे के रास्ते, दीवार फांदकर या छत के जरिए घरों में प्रवेश कर नकदी, सोने-चांदी के जेवरात और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया जाता था।
पुलिस के मुताबिक हाल के दिनों में थाना कैंट और सुभाषनगर क्षेत्र में चोरी की कई घटनाएं सामने आई थीं। इनमें रामेश्वर धाम कॉलोनी, ग्राम चौबारी और बालाजी धाम कॉलोनी में हुई चोरी की घटनाएं प्रमुख थीं। लगातार बढ़ रही वारदातों को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम को घटनाओं के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान की। इसी क्रम में सलमान की भूमिका संदिग्ध पाई गई और उसकी तलाश शुरू की गई। गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में उसने चोरी की पांच घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। आरोपी ने यह भी बताया कि चोरी के बाद गिरोह के सदस्य माल को अलग-अलग स्थानों पर बेच देते थे और फिर रकम आपस में बांट लेते थे।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सलमान का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ बरेली, पीलीभीत और महाराजगंज जिलों में चोरी, आपराधिक षड्यंत्र और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। वहीं अवैध हथियार बरामद होने के कारण उसके खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत भी नया मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही चोरी के शेष माल की बरामदगी के प्रयास भी जारी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही गिरोह के बाकी सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस सफल कार्रवाई में थाना कैंट प्रभारी निरीक्षक संजय धीर, एसओजी प्रभारी सुनील शर्मा तथा उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है और कानून व्यवस्था को लेकर भरोसा मजबूत हुआ है।

