ओमान तट के पास भारतीय क्रू वाले जहाज MT जलवीर पर हमला, आग लगने से मचा हड़कंप
मस्कट/नई दिल्ली। ओमान तट के निकट गुरुवार को भारतीय क्रू वाले मालवाहक जहाज MT जलवीर पर हुए हमले ने समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। हमले के बाद जहाज में आग लग गई, जिससे जहाज पर सवार चालक दल और अन्य कर्मियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। फिलहाल हमले के पीछे किस संगठन या देश का हाथ है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। घटना के बाद भारतीय दूतावास ने स्थानीय प्रशासन और समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के साथ संपर्क स्थापित कर हालात पर लगातार नजर बनाए रखने की बात कही है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, MT जलवीर ओमान के तट के समीप अपने निर्धारित समुद्री मार्ग पर आगे बढ़ रहा था, तभी उस पर हमला हुआ। हमले के तुरंत बाद जहाज के एक हिस्से में आग लग गई। चालक दल ने आग पर काबू पाने और जहाज को सुरक्षित रखने के लिए आपातकालीन उपाय शुरू किए। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला मिसाइल, ड्रोन या किसी अन्य माध्यम से किया गया था।
भारतीय दूतावास ने घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और जहाज तथा उसके चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। दूतावास ने यह भी कहा कि स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है और किसी भी नई जानकारी को समय-समय पर साझा किया जाएगा।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही तनाव बना हुआ है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास के समुद्री क्षेत्र हाल के दिनों में कई सैन्य और सुरक्षा घटनाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में रहे हैं। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल इस क्षेत्र में किसी भी तरह की अस्थिरता का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार पर पड़ सकता है।
इस बीच, होर्मुज स्ट्रेट के पास बुधवार को हुए एक अन्य बड़े घटनाक्रम में तेल टैंकर MT सेत्तेबेल्लो पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद तीन भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि हुई है। केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अब तक दो भारतीयों के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि तीसरे व्यक्ति की पहचान और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं जारी हैं।
अमेरिकी सेना का दावा है कि MT सेत्तेबेल्लो ईरानी तेल लेकर जा रहा था और उसे कई बार चेतावनी दी गई थी। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार जहाज ने चेतावनियों की अनदेखी की, जिसके बाद उस पर कार्रवाई की गई। हालांकि इस मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और कई पक्ष घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
लगातार दो दिनों में भारतीय नागरिकों और भारतीय क्रू से जुड़े जहाजों पर हुई घटनाओं ने भारत सरकार की चिंता बढ़ा दी है। विदेश मंत्रालय और संबंधित समुद्री सुरक्षा एजेंसियां स्थिति की समीक्षा कर रही हैं। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि विदेशों में कार्यरत भारतीय नाविकों और समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच समुद्री मार्गों पर खतरे लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। फिलहाल सभी की निगाहें MT जलवीर पर हुए हमले की जांच और उसके पीछे जिम्मेदार तत्वों की पहचान पर टिकी हुई हैं।

