सोने-चांदी की कीमतों में फिर उछाल, 24 कैरेट गोल्ड ₹346 महंगा, चांदी भी चढ़ी
देशभर के सर्राफा बाजार में बुधवार, 2 जुलाई को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली। सुबह कारोबार की शुरुआत में हल्की गिरावट के बाद दोनों कीमती धातुओं के दामों में तेजी लौट आई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 346 रुपये महंगा होकर करीब 1.42 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं एक किलोग्राम चांदी की कीमत में भी 5 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके बाद इसका भाव लगभग 2.25 लाख रुपये प्रति किलो हो गया है।
सर्राफा बाजार के जानकारों का कहना है कि वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में मजबूती और निवेशकों की बढ़ती खरीदारी के कारण घरेलू बाजार में भी सोने के दाम बढ़े हैं। हालांकि सुबह के शुरुआती कारोबार में कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन बाद में खरीदारी बढ़ने से बाजार में तेजी लौट आई।

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव 346 रुपये बढ़ने के बाद लगभग 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। इसी तरह चांदी भी मामूली बढ़त के साथ 2.25 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई है। यह बढ़ोतरी भले ही सीमित हो, लेकिन लगातार बदलते बाजार में निवेशकों और खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की चाल, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर संभावनाएं, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता जैसी परिस्थितियां सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित कर रही हैं। जब भी वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर रुख करते हैं, जिससे इसकी मांग और कीमत दोनों बढ़ जाती हैं।
भारत में शादी-विवाह और त्योहारों के मौसम को देखते हुए भी सोने की मांग लगातार बनी रहती है। आने वाले महीनों में त्योहारों और विवाह सीजन के कारण आभूषणों की खरीदारी बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी का माहौल बना रहता है तो घरेलू बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों का उद्देश्य लंबी अवधि का निवेश है, उनके लिए सोना अब भी एक मजबूत विकल्प बना हुआ है। हालांकि निवेश से पहले बाजार की स्थिति और कीमतों का विश्लेषण करना जरूरी है। वहीं आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों को केवल सोने की कीमत ही नहीं, बल्कि मेकिंग चार्ज, जीएसटी और अन्य शुल्कों का भी ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि अलग-अलग ज्वेलर्स के यहां अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी कीमतें बिना जीएसटी और मेकिंग चार्ज के होती हैं। इसलिए स्थानीय बाजारों में ग्राहकों को वास्तविक खरीद मूल्य थोड़ा अधिक चुकाना पड़ सकता है। इसके अलावा विभिन्न शहरों में टैक्स और परिवहन लागत के कारण भी कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिलता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सोना खरीदते समय हमेशा हॉलमार्क वाला आभूषण ही खरीदें। हॉलमार्क सोने की शुद्धता की सरकारी गारंटी होती है और इससे ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण आभूषण मिलने का भरोसा रहता है। साथ ही खरीदारी के समय बिल अवश्य लें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर दावा किया जा सके।
फिलहाल सर्राफा बाजार में तेजी का रुख बना हुआ है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल, डॉलर इंडेक्स, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम के आधार पर सोने और चांदी की कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों की नजर अब बाजार के अगले रुझान पर बनी हुई है।

