जयपुर में महापंचायत के बाद बवाल, प्रदर्शनकारियों और पुलिस में झड़प, पथराव के बाद लाठीचार्ज
राजस्थान की राजधानी जयपुर में बुधवार शाम घुमंतू और अर्धघुमंतू जातियों की महापंचायत के बाद हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए। महापंचायत समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने लगे। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत उन्हें निर्धारित स्थान पर रोकने का प्रयास किया, लेकिन देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई और प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कुछ ही देर बाद यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

जानकारी के अनुसार, घुमंतू और अर्धघुमंतू समाज की विभिन्न मांगों को लेकर राजधानी में महापंचायत आयोजित की गई थी। इसमें प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। महापंचायत के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की बात कही और इसके बाद मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने का निर्णय लिया।
जब प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच पहले बातचीत हुई, लेकिन सहमति नहीं बनने पर माहौल गर्मा गया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए पथराव से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कई पुलिसकर्मी खुद को बचाने के लिए पीछे हटे, जबकि आसपास मौजूद लोगों में भी दहशत फैल गई। पत्थरबाजी के दौरान कई वाहन और आसपास की संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है।
स्थिति को नियंत्रण से बाहर जाता देख पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब भीड़ नहीं मानी तो हल्का लाठीचार्ज किया गया। इसके बाद भी हालात सामान्य नहीं हुए तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया। आंसू गैस छोड़े जाने के बाद प्रदर्शनकारी अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे और कुछ देर बाद स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आई।
इस पूरे घटनाक्रम में 12 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में पुलिसकर्मी और स्थानीय नागरिक दोनों शामिल हैं। कई पुलिसकर्मियों को पथराव के दौरान चोटें आईं, जबकि कुछ प्रदर्शनकारी भी लाठीचार्ज में घायल हुए। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया।
पुलिस ने मौके से कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। जिन लोगों की पहचान पथराव या हिंसा में शामिल होने के रूप में होगी, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि दोबारा किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
प्रशासन का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना सभी का अधिकार है, लेकिन हिंसा, पथराव और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। वहीं प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं और उनकी समस्याओं का समाधान अब तक नहीं हुआ है।
फिलहाल जयपुर में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ, वीडियो फुटेज की जांच और संबंधित मामलों में एफआईआर दर्ज होने की संभावना है। इस घटना ने एक बार फिर बड़े प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

