जयपुर के सोडाला में गद्दे की दुकान में भीषण आग, तीन घंटे की मशक्कत के बाद पाया गया काबू
राजस्थान की राजधानी जयपुर के सोडाला थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात एक गद्दे की दुकान में भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में उसने तीन मंजिला भवन को अपनी चपेट में ले लिया। घटना रावलजी का बांदा स्थित औलिया मस्जिद के सामने संचालित गद्दे की दुकान की है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां और पुलिस मौके पर पहुंची। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। राहत की बात यह रही कि समय रहते बेसमेंट में रह रहे एक परिवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब 10:30 बजे अनवर हुसैन और पप्पू भाई की गद्दे की दुकान में अचानक आग लग गई। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। दुकान में बड़ी संख्या में गद्दे, फोम और अन्य ज्वलनशील सामग्री रखी हुई थी, जिसके कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की ऊंची लपटें दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं और पूरे क्षेत्र में धुएं का घना गुबार फैल गया।

आग की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए। स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए भवन के बेसमेंट में रह रहे एक परिवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यदि समय रहते परिवार को बाहर नहीं निकाला जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। लोगों की तत्परता के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने लगातार ढाई से तीन घंटे तक पानी की बौछार कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई बार लपटें फिर से भड़क उठीं, लेकिन दमकल कर्मचारियों ने लगातार प्रयास जारी रखे और आखिरकार आग को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया।
आग की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास की दुकानों और प्रतिष्ठानों को भी खाली करा दिया। अधिकारियों को आशंका थी कि यदि आग अन्य दुकानों तक पहुंचती तो नुकसान और भी अधिक हो सकता था। समय रहते आसपास के क्षेत्र को खाली कराए जाने से बड़ी दुर्घटना टल गई।
घटना के दौरान मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लगभग 500 से 800 लोग घटनास्थल पर पहुंच गए थे। भीड़ के कारण दमकल और पुलिस के राहत एवं बचाव कार्य में बाधा उत्पन्न होने लगी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लोगों को पीछे हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और सुरक्षा घेरा बनाकर बचाव कार्य को सुचारु रूप से जारी रखा।
देर रात तक पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर मौजूद रहीं। आग पूरी तरह बुझने के बाद भवन की जांच की गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं अंदर दोबारा आग भड़कने की संभावना न हो। साथ ही बिजली आपूर्ति भी सावधानी के तौर पर बंद कर दी गई थी।
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस आग में लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया है। दुकान में रखे गद्दे, फर्नीचर, मशीनें और अन्य सामान पूरी तरह नष्ट हो गए। हालांकि नुकसान का वास्तविक आकलन जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच कर रहे हैं। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग का कारण माना जा रहा है, लेकिन तकनीकी जांच के बाद ही इसकी आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जिन दुकानों में ज्वलनशील सामग्री का भंडारण किया जाता है, वहां अग्निशमन उपकरण, फायर अलार्म और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।

