रेलवे का नया बुकिंग सिस्टम होगा सुपरफास्ट, अब हर मिनट बुक होंगे 1.25 लाख टिकट
भारतीय रेलवे अपने करोड़ों यात्रियों को बेहतर और तेज ऑनलाइन टिकट बुकिंग सुविधा देने के लिए पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) में बड़ा तकनीकी बदलाव करने जा रहा है। इस अपग्रेड के बाद रेलवे का नया बुकिंग सिस्टम पहले के मुकाबले पांच गुना अधिक क्षमता के साथ काम करेगा। नए सिस्टम के लागू होने के बाद हर मिनट 1.25 लाख टिकट बुक किए जा सकेंगे, जिससे यात्रियों को टिकट बुकिंग के दौरान होने वाली परेशानी से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल भारतीय रेलवे का मौजूदा रिजर्वेशन सिस्टम एक मिनट में करीब 25 हजार टिकट ही प्रोसेस कर पाता है। यही वजह है कि तत्काल (Tatkal) टिकट बुकिंग शुरू होते ही वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर भारी लोड आ जाता है। कई बार सिस्टम धीमा पड़ जाता है, पेज खुलने में समय लगता है या फिर सर्वर हैंग हो जाता है। ऐसे में हजारों यात्रियों को टिकट बुक कराने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) ने अपने 41वें स्थापना दिवस के अवसर पर इस महत्वाकांक्षी तकनीकी अपग्रेड की जानकारी साझा की। संस्थान के अधिकारियों के अनुसार, नए पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम को आधुनिक तकनीक के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, जिससे रेलवे की डिजिटल सेवाएं पहले से कहीं अधिक मजबूत और तेज बनेंगी।
CRIS के मुताबिक, नए सिस्टम में टिकट बुकिंग की क्षमता पांच गुना बढ़ाकर प्रति मिनट 1.25 लाख टिकट कर दी जाएगी। इससे लाखों यात्रियों को एक साथ टिकट बुक करने की सुविधा मिलेगी और वेबसाइट या ऐप पर ट्रैफिक बढ़ने के बावजूद सिस्टम की गति प्रभावित नहीं होगी। इससे तत्काल टिकट बुकिंग के समय सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा, क्योंकि इसी दौरान सर्वर पर सबसे अधिक दबाव रहता है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि नए सिस्टम के लागू होने के बाद वेबसाइट के हैंग होने, सर्वर स्लो होने और तकनीकी दिक्कतों में काफी कमी आएगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और टिकट बुकिंग की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं सुगम होगी। रेलवे का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म को इतना मजबूत बनाना है कि बढ़ती यात्री संख्या के बावजूद सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित न हो।
भारतीय रेलवे प्रतिदिन लाखों यात्रियों को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने का काम करता है। त्योहारों, छुट्टियों और विशेष अवसरों पर टिकटों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे समय में मौजूदा सिस्टम पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। नए रिजर्वेशन सिस्टम के आने के बाद इस चुनौती से काफी हद तक निपटा जा सकेगा।
रेलवे लगातार अपनी डिजिटल सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। ऑनलाइन टिकट बुकिंग, लाइव ट्रेन स्टेटस, डिजिटल भुगतान, ई-कैटरिंग और मोबाइल ऐप जैसी सुविधाओं के बाद अब हाई-स्पीड रिजर्वेशन सिस्टम इस दिशा में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा और रेलवे की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि टिकट प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ने से न केवल सामान्य यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि ट्रैवल एजेंसियों और अधिकृत बुकिंग केंद्रों को भी तेज और निर्बाध सेवा मिल सकेगी। इसके अलावा डेटा प्रोसेसिंग और सर्वर मैनेजमेंट पहले से अधिक सुरक्षित और प्रभावी होगा।
रेलवे ने यह भी संकेत दिए हैं कि भविष्य में इस नए सिस्टम के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बेहतर डेटा एनालिटिक्स और उन्नत साइबर सुरक्षा जैसे फीचर्स भी जोड़े जा सकते हैं, जिससे टिकट बुकिंग प्रक्रिया और अधिक सुरक्षित एवं स्मार्ट बन सके।
फिलहाल रेलवे इस नई प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसके शुरू होने के बाद यात्रियों को तेज, भरोसेमंद और बिना रुकावट वाली टिकट बुकिंग सुविधा मिलेगी। भारतीय रेलवे का यह कदम देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने और यात्रियों को विश्वस्तरीय ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

