Bareilly में प्रदूषण पर बवाल, ग्रामीणों ने किया जोरदार प्रदर्शन
प्रदर्शन का नेतृत्व संस्था के संस्थापक और सामाजिक कार्यकर्ता हकीम आहिद हुसैन ने किया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि नगर निगम की पशुवधशाला और Maria Frozen पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करते हुए निर्धारित सीमा से अधिक पशुओं का वध कर रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पशुओं का खून, अवशेष और बिना शुद्ध किया गया दूषित पानी सीधे मोहनपुर ठिरिया गांव से गुजरने वाली नहर में छोड़ा जा रहा है। Bareilly के ग्रामीणों का कहना है कि बदबू और गंदगी से जीना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार यह नहर अब पूरी तरह गंदे नाले में बदल चुकी है, जिसमें बदबूदार कचरा भरा रहता है। लोगों का कहना है कि लगातार फैल रही दुर्गंध ने क्षेत्र में रहना मुश्किल कर दिया है। Bareilly के लोगों ने आरोप लगाया कि दूषित पानी की वजह से इलाके में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। गांव के लोगों का कहना है कि यह गंदा पानी न केवल पशुओं को बीमार कर रहा है, बल्कि भूमिगत जल स्रोतों को भी प्रदूषित कर रहा है। Bareilly में लोग अब साफ पानी की मांग कर रहे हैं।

स्थानीय निवासियों का दावा है कि प्रदूषण के कारण गांव में त्वचा रोग, खुजली, आंखों में जलन और पेट संबंधी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि लंबे समय तक दूषित पानी और जहरीली हवा के संपर्क में रहने से किडनी रोग और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। Bareilly में बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। संस्था के अनुसार कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग तेजी से बीमार हो रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान हकीम आहिद हुसैन ने कहा कि यह मामला केवल पर्यावरण का नहीं बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा हुआ है। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों द्वारा कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार विभागों ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया। Bareilly में लगातार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों की प्रभावी निगरानी नहीं हो रही है।

संस्था के सदस्यों ने मांग की कि पशुवधशालाओं से निकलने वाले गंदे पानी का वैज्ञानिक तरीके से शुद्धिकरण किया जाए और बिना ट्रीटमेंट के उसे नहरों, नालों या नदियों में न छोड़ा जाए। Bareilly के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की कि प्रदूषण नियंत्रण विभाग नियमित निरीक्षण करे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि अब प्रशासन को सख्त कदम उठाने होंगे।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मोहनपुर ठिरिया में मेडिकल कैंप लगाने की भी मांग की ताकि प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य जांच और इलाज हो सके। साथ ही गांव के पानी के नमूनों की लैब जांच कराने की मांग की गई ताकि प्रदूषण के वास्तविक स्तर का पता लगाया जा सके। Bareilly में लोगों ने कहा कि पूरे इलाके का पर्यावरणीय सर्वे होना चाहिए। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि भूजल और पर्यावरण को कितना नुकसान हुआ है इसकी जांच बेहद जरूरी है।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। Bareilly के प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गांव के लोग अब चुप नहीं बैठेंगे और अपने स्वास्थ्य तथा पर्यावरण की सुरक्षा के लिए लगातार संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पानी और साफ हवा हर नागरिक का मूल अधिकार है। Bareilly में लोगों ने सरकार से तुरंत राहत और सख्त कार्रवाई की मांग की।
इस प्रदर्शन में अख्तर आफाक खान, आसिफ शेख, ताहिर अली खान, इमरान अजहरी, फैयाज खान और सद्दाम खान समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। Bareilly के लोगों ने अंत में राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मोहनपुर ठिरिया में फैल रहे प्रदूषण पर तुरंत सख्त कार्रवाई करने और प्रभावित लोगों को राहत देने की मांग की।
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