Court में यह मामला प्रश्नजीत सिंह, देवेंद्र सैनी, मधुसूदन शर्मा और अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दायर याचिकाओं के जरिए पहुंचा था। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उन्होंने एसआई भर्ती-2021 के लिए आवेदन किया था, लेकिन किसी कारणवश दोनों पेपर नहीं दे सके। अब जब भर्ती दोबारा आयोजित की जा रही है तो आरपीएससी केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को पुन: Exam में शामिल कर रहा है, जिन्होंने मूल परीक्षा के दोनों पेपर दिए थे।

याचिकाकर्ताओं ने Court में दलील दी कि इससे पहले रद्द हुई कई अन्य भर्तियों में ऐसा नियम लागू नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि ईओ-आरओ भर्ती, एलडीसी भर्ती सहित कई भर्तियों में दोबारा Exam कराते समय सभी आवेदनकर्ताओं को मौका दिया गया था। ऐसे में एसआई भर्ती-2021 में अलग नियम लागू करना संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के तहत समानता के अधिकार का उल्लंघन है।
Court की पिछली सुनवाई में आरपीएससी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। बुधवार को सुनवाई के दौरान आयोग की ओर से कहा गया कि करीब 4 लाख ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने आवेदन तो किया था, लेकिन परीक्षा नहीं दी थी। आयोग ने Court को बताया कि इतने बड़े स्तर पर फॉर्म की छंटनी करना बेहद मुश्किल कार्य होगा।
आरपीएससी की ओर से यह भी कहा गया कि कई अभ्यर्थी अब अन्य नौकरियों में लग चुके होंगे और कई ने तैयारी भी छोड़ दी होगी। अगर सभी को दोबारा मौका दिया जाता है तो पूरे सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव बढ़ जाएगा। आयोग ने Court को बताया कि इतने बड़े स्तर पर आवेदन प्रक्रिया दोबारा शुरू करना प्रशासनिक रूप से चुनौतीपूर्ण होगा।
हालांकि याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने Court में जोरदार पैरवी करते हुए कहा कि आयोग का यह तर्क उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जब दूसरे मामलों में सभी अभ्यर्थियों को पुन: Exam में शामिल किया गया था तो इस भर्ती में भेदभाव क्यों किया जा रहा है।
Court ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया। अदालत ने कहा कि सभी याचिकाकर्ताओं को फॉर्म एडिट करने का मौका दिया जाए और उन्हें प्रोविजनली Exam में शामिल किया जाए। इस फैसले को अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार एसआई भर्ती-2021 में करीब 7.95 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। हालांकि सितंबर 2021 में आयोजित लिखित Exam के दोनों प्रश्न पत्रों में करीब 3 लाख 83 हजार अभ्यर्थी ही शामिल हुए थे। अब आयोग केवल इन्हीं अभ्यर्थियों को पुन: परीक्षा में शामिल करने की तैयारी कर रहा था।
दरअसल यह पूरा मामला तब चर्चा में आया जब राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त 2025 को एसआई भर्ती-2021 को रद्द करने का फैसला सुनाया था। बाद में इस फैसले को डिवीजन बेंच ने भी बरकरार रखा। इसके बाद चयनित ट्रेनी एसआई अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली।
4 मई 2026 को सुप्रीम Court की बेंच ने चयनित अभ्यर्थियों की स्पेशल लीव पिटीशन खारिज कर दी थी। इसके बाद से पुन: Exam की प्रक्रिया शुरू हुई थी। अब हाईकोर्ट के नए आदेश के बाद भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
इस फैसले के बाद प्रदेशभर के अभ्यर्थियों में खुशी का माहौल है। कई युवाओं का कहना है कि Court ने उनके साथ न्याय किया है। वहीं दूसरी ओर अब आरपीएससी के सामने पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने की चुनौती होगी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भविष्य की अन्य भर्तियों के लिए भी मिसाल बन सकता है। फिलहाल सभी की नजर अब अगली सुनवाई और आयोग के अगले कदम पर टिकी हुई है।
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