राजस्थान के 19 जिलों में आज आंधी-बारिश का यलो अलर्ट, कई इलाकों में गर्मी और उमस से लोग परेशान
जयपुर। राजस्थान में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 19 जिलों में आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि इससे पहले सोमवार को कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन अनुमान के विपरीत अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहा और लोगों को गर्मी व उमस का सामना करना पड़ा।
सोमवार को बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, जोधपुर और उदयपुर संभाग के कई इलाकों में दिनभर तेज धूप और उमस बनी रही। बादलों की आवाजाही के बावजूद अधिकांश स्थानों पर बारिश नहीं हुई। गर्मी के कारण लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। प्रदेश के पश्चिमी जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में प्रदेश का सबसे गर्म जिला बाड़मेर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा बीकानेर और जैसलमेर में भी तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा। दिनभर चली गर्म हवाओं और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।
हालांकि शाम के समय पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में मौसम ने करवट ली। करौली, सवाई माधोपुर और दौसा जिले के आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई। बारिश का दायरा सीमित रहने के कारण तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं आई, लेकिन लोगों को उमस से थोड़ी राहत जरूर मिली।
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए प्रदेश के 19 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर मेघगर्जन और बिजली चमकने की भी संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी दिनों में मानसून की गतिविधियां और सक्रिय हो सकती हैं, जिससे कई जिलों में बारिश का दायरा बढ़ने की उम्मीद है।
इधर, मानसून को लेकर जारी शुरुआती आशंकाओं के विपरीत राजस्थान में इस बार प्री-मानसून बारिश का अच्छा दौर देखने को मिला है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 21 जून तक प्रदेश में सामान्य से 41 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि मानसून पूर्व की गतिविधियां प्रदेश के लिए लाभदायक साबित हो रही हैं।
आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में सामान्य रूप से 28 मिलीमीटर वर्षा दर्ज होती है, जबकि इस वर्ष अब तक औसतन 39.3 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। अधिक बारिश के कारण कई जिलों में जलाशयों और तालाबों में पानी की आवक शुरू हो गई है। किसानों के लिए भी यह बारिश राहत लेकर आई है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियां तेज हो गई हैं।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें और बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें। वहीं किसानों को भी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है। आगामी दिनों में प्रदेश में मौसम का यह बदला हुआ स्वरूप जारी रहने की संभावना है।

