Bareilly: 11 साल तक फंसे रहे लाखों रुपये, अब धनराज बिल्डर पर दर्ज हुआ मुकदमा
प्लॉट और मकान का सपना दिखाकर 5.50 लाख रुपये हड़पने का आरोप, एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने शुरू की जांच
Bareilly में एक बार फिर प्रॉपर्टी से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। आरोप है कि एक परिवार को प्लॉट और मकान देने का सपना दिखाकर लाखों रुपये वसूल लिए गए, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी न तो मकान मिला और न ही जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। पीड़िता की लगातार शिकायतों और उच्चाधिकारियों से गुहार के बाद अब कैंट थाना पुलिस ने आरोपी बिल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार पीड़िता गीता देवी ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2015 में उन्होंने धनराज बिल्डर के संचालक राकेश शर्मा से 60 वर्ग गज जमीन और उस पर मकान निर्माण का सौदा किया था। दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के अनुसार गीता देवी ने करीब 5.50 लाख रुपये का भुगतान किया। आरोप है कि बिल्डर ने तय समय सीमा में मकान बनाकर कब्जा देने और जमीन की रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया था।
पीड़िता का कहना है कि शुरुआत में उन्हें भरोसा दिलाया गया कि निर्माण कार्य जल्द पूरा कर दिया जाएगा। इसी विश्वास के आधार पर उन्होंने अपनी जमा-पूंजी निवेश कर दी। लेकिन समय बीतता गया और न तो मकान तैयार हुआ और न ही किसी प्रकार की रजिस्ट्री कराई गई। कई वर्षों तक आश्वासन मिलने के बाद भी जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो परिवार की चिंता बढ़ने लगी।
गीता देवी का आरोप है कि उन्होंने कई बार बिल्डर से संपर्क कर अपनी रकम वापस करने या मकान और जमीन उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया गया। उनका कहना है कि जब उन्होंने सख्ती से जवाब मांगा तो आरोपी ने रकम लौटाने से भी इनकार कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि शुरू से ही उनके साथ धोखाधड़ी की नीयत से यह सौदा किया गया था।
मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब परिवार पर आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी संकट एक साथ टूट पड़ा। शिकायत के अनुसार मार्च 2026 में गीता देवी के पति एक गंभीर सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। हादसे में उनके दोनों हाथ, कूल्हा और जबड़ा बुरी तरह घायल हो गए। इलाज पर भारी खर्च होने लगा और परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होती चली गई। ऐसे समय में 11 साल से फंसी हुई 5.50 लाख रुपये की रकम परिवार के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई।
पीड़िता ने न्याय की उम्मीद में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष कई बार शिकायत की। जब स्थानीय स्तर पर कोई समाधान नहीं निकला तो उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने जांच के निर्देश दिए, जिसके बाद कैंट थाना पुलिस ने आरोपी बिल्डर राकेश शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
शहर में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया है। लोगों का कहना है कि प्रॉपर्टी और प्लॉटिंग के नाम पर धोखाधड़ी के मामलों में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है। कई लोगों का मानना है कि यदि किसी व्यक्ति पर बार-बार ऐसे आरोप सामने आते हैं तो प्रशासन को व्यापक जांच कर आवश्यक कानूनी कदम उठाने चाहिए। हालांकि किसी भी व्यक्ति को भूमाफिया घोषित करना प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया का विषय है और यह निर्णय जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही लिया जा सकता है।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच की जाएगी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। वहीं पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि लंबे इंतजार के बाद उन्हें न्याय मिलेगा और उनकी मेहनत की कमाई वापस मिल सकेगी।

