7 हजार में कैसे चले घर? सफाई कर्मचारियों की हड़ताल में कूदे NSUI जिलाध्यक्ष अंकित घारू, प्रशासन पर साधा निशाना
अजमेर। नगर निगम के अस्थाई सफाई कर्मचारियों की जारी हड़ताल को बुधवार को उस समय नया बल मिला, जब NSUI जिलाध्यक्ष अंकित घारू आंदोलन स्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों की मांगों का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए प्रशासन और ठेकेदार व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। घारू ने कहा कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने वाले कर्मचारियों के साथ लगातार उपेक्षा और अन्याय हो रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

हड़ताल स्थल पर मौजूद कर्मचारियों को संबोधित करते हुए अंकित घारू ने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में सफाई कर्मचारियों को आज भी मात्र साढ़े छह से सात हजार रुपये मासिक वेतन पर काम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर इतनी कम आय में कोई कर्मचारी अपने परिवार का भरण-पोषण कैसे कर सकता है। आज रसोई गैस, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जरूरतों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन कर्मचारियों का वेतन वर्षों से लगभग उसी स्थिति में बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी हर मौसम में अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। भीषण गर्मी, कड़ाके की सर्दी और बरसात में भी वे शहर की सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाए रखते हैं। इसके बावजूद उन्हें न तो सम्मानजनक वेतन मिल रहा है और न ही पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और प्रशासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
NSUI जिलाध्यक्ष ने कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि सभी अस्थाई सफाई कर्मचारियों की प्रतिदिन की हाजरी कम से कम 500 रुपये निर्धारित की जानी चाहिए। इसके साथ ही वेतन भुगतान में होने वाली देरी और अन्य लंबित समस्याओं का भी तत्काल समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मेहनत और योगदान को देखते हुए उन्हें उचित आर्थिक सुरक्षा मिलना उनका अधिकार है।
अंकित घारू ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले छह महीनों के भीतर यह तीसरी बार है जब सफाई कर्मचारियों को अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है। यदि बार-बार कर्मचारी आंदोलन करने को मजबूर हो रहे हैं तो यह प्रशासनिक विफलता का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समय पर समाधान नहीं होना प्रशासन की संवेदनहीनता और लापरवाही को दर्शाता है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कर्मचारियों की जायज मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि NSUI कार्यकर्ता कर्मचारियों के संघर्ष में पूरी ताकत के साथ उनके साथ खड़े रहेंगे और उनकी आवाज को जन-जन तक पहुंचाएंगे।
घारू ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक और कर्मचारी को अपनी बात रखने तथा न्याय की मांग करने का अधिकार है। सफाई कर्मचारी अपने अधिकारों, सम्मान और बेहतर जीवन की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनकी मांगों को अनदेखा करना उचित नहीं होगा। प्रशासन को चाहिए कि वह कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर जल्द से जल्द समाधान निकाले।
हड़ताल स्थल पर मौजूद कर्मचारियों ने भी अपनी समस्याओं को विस्तार से रखा। उन्होंने बताया कि उन्हें नियमित वेतन नहीं मिल पाता, भुगतान में देरी होती है और कार्यस्थलों पर मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि, समय पर भुगतान और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग दोहराई।
आंदोलन को विभिन्न संगठनों और जनप्रतिनिधियों का समर्थन मिलने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है। वहीं दूसरी ओर बढ़ते समर्थन और लगातार जारी हड़ताल से प्रशासन पर दबाव भी बढ़ता नजर आ रहा है। अब सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है।

