Gold -चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, 10 ग्राम सोना ₹1,030 सस्ता, चांदी ₹3,300 टूटी
नई दिल्ली। Gold और चांदी की कीमतों में मंगलवार, 3 जून को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। लगातार कई दिनों तक ऊंचे स्तर पर कारोबार करने के बाद दोनों कीमती धातुओं के दामों में नरमी देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट Gold की कीमत में 1,030 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई है, जबकि चांदी 3,300 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई है। कीमतों में इस कमी के बाद निवेशकों और खरीदारों के बीच एक बार फिर बाजार की दिशा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

IBJA के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव गिरकर 1.55 लाख रुपये पर आ गया है। वहीं 1 किलोग्राम चांदी की कीमत घटकर 2.62 लाख रुपये रह गई है। हाल के महीनों में सोना और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड स्तरों को छुआ था, लेकिन अब बाजार में मुनाफावसूली और वैश्विक आर्थिक संकेतों के कारण कीमतों पर दबाव देखने को मिल रहा है।
इस साल कैसा रहा Gold का सफर?
वर्ष 2026 की शुरुआत Gold के लिए बेहद सकारात्मक रही थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने के कारण Gold की कीमतों में लगातार तेजी दर्ज की गई। कई अवसरों पर सोने ने नए रिकॉर्ड स्तर बनाए और निवेशकों को अच्छा रिटर्न भी दिया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार कुछ समय पहले सोना लगभग 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि इसके बाद कीमतों में उतार-चढ़ाव शुरू हुआ और अब यह घटकर करीब 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। यानी रिकॉर्ड स्तर से सोना लगभग 21 हजार रुपये तक सस्ता हो चुका है।
गिरावट की मुख्य वजहें क्या हैं?
विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया गिरावट के पीछे कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं। सबसे प्रमुख कारण मुनाफावसूली को माना जा रहा है। जब किसी परिसंपत्ति की कीमत लगातार बढ़ती है तो निवेशक ऊंचे स्तर पर अपना मुनाफा निकालने लगते हैं, जिससे कीमतों में गिरावट आ सकती है।
इसके अलावा वैश्विक बाजारों में डॉलर की स्थिति, अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का रुख भी सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित करता है। यदि निवेशकों को अन्य निवेश विकल्पों में बेहतर अवसर दिखाई देते हैं तो वे Gold में निवेश कम कर सकते हैं, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ता है।
चांदी में भी आई बड़ी नरमी
Gold के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। IBJA के अनुसार एक किलो चांदी का भाव 3,300 रुपये घटकर 2.62 लाख रुपये पर पहुंच गया है। हालांकि चांदी की कीमतें अभी भी ऐतिहासिक रूप से ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
चांदी की मांग केवल निवेश तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसका उपयोग उद्योगों, इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में भी किया जाता है। इसलिए इसकी कीमतें वैश्विक औद्योगिक गतिविधियों और आर्थिक संकेतकों से भी प्रभावित होती हैं।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
बाजार जानकारों का कहना है कि कीमतों में आई यह गिरावट लंबे समय के निवेशकों के लिए अवसर साबित हो सकती है। हालांकि निवेश से पहले बाजार की स्थिति, वैश्विक घटनाक्रम और व्यक्तिगत वित्तीय लक्ष्यों का ध्यान रखना जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां सोने-चांदी की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। यदि वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है तो सोने में फिर से तेजी लौट सकती है।
फिलहाल बाजार में गिरावट के बावजूद सोना और चांदी निवेशकों के लिए सुरक्षित निवेश विकल्पों में शामिल बने हुए हैं। आने वाले दिनों में कीमतों की चाल पर निवेशकों और ज्वेलरी कारोबारियों की नजर बनी रहेगी।

