भारत को जितना तेल चाहिए अमेरिका उतना देने को तैयार: मार्को रूबियो
रूस-ईरान तनाव के बीच भारत को साधने में जुटा अमेरिका, मार्को रूबियो का बड़ा बयान
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत दौरे से पहले बड़ा बयान देते हुए कहा कि अमेरिका भारत की जरूरत के अनुसार तेल सप्लाई देने को तैयार है। मिडिल ईस्ट तनाव के बीच यह बयान बेहद अहम माना जा रहा है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत यात्रा से पहले बड़ा बयान दिया है। रूबियो ने कहा कि अमेरिका भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है और जितना तेल भारत को चाहिए, उतनी सप्लाई दी जा सकती है। यह बयान ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट में तनाव और तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो 23 से 26 मई तक भारत के दौरे पर आने वाले हैं। इस दौरे से पहले उन्होंने भारत को लेकर बड़ा भरोसेमंद संदेश दिया है। मियामी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान रूबियो ने कहा कि अमेरिका भारत को असीमित ऊर्जा सप्लाई देने के लिए तैयार है। उन्होंने भारत को अमेरिका का मजबूत सहयोगी और भरोसेमंद साझेदार बताया।
समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, मार्को रूबियो ने कहा कि भारत के साथ अमेरिका के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक साझेदारी तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत यात्रा उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दौरान क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक भी आयोजित होगी।
रूबियो ने कहा,
“हम भारत के साथ बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। यह बेहद महत्वपूर्ण यात्रा है और हमारे पास बातचीत के लिए कई अहम मुद्दे हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि क्वाड देशों के साथ बैठक इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा और रणनीतिक संतुलन के लिहाज से बेहद जरूरी है। उन्होंने याद दिलाया कि विदेश मंत्री बनने के बाद उनकी पहली बड़ी बैठक भी क्वाड देशों के साथ ही हुई थी।
इस दौरान मार्को रूबियो ने वेनेजुएला के तेल को लेकर भी बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज भी अगले सप्ताह भारत आएंगी और भारत को तेल बेचने के मुद्दे पर चर्चा करेंगी।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पहले भी भारत द्वारा वेनेजुएला से तेल खरीदे जाने का जिक्र कर चुके हैं। इसी दौरान अमेरिका और भारत के बीच एक अहम व्यापार समझौते की भी घोषणा हुई थी, जिसके तहत भारतीय आयातों पर पारस्परिक टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया था।
मार्को रूबियो अपने चार दिवसीय भारत दौरे के दौरान नई दिल्ली, कोलकाता, आगरा और जयपुर जाएंगे। खास बात यह है कि लगभग 14 वर्षों बाद कोई अमेरिकी विदेश मंत्री कोलकाता का दौरा करेगा। इससे पहले 2012 में तत्कालीन विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कोलकाता का दौरा किया था।
26 मई को भारत में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित होगी। बैठक की अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर करेंगे। इसमें अमेरिका के मार्को रूबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री मोतेगी तोशिमित्सु शामिल होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, होर्मुज स्ट्रेट संकट और वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता के बीच अमेरिका का यह बयान भारत को भरोसा देने की कोशिश है। अमेरिका चाहता है कि भारत ऊर्जा सप्लाई के मामले में वैकल्पिक साझेदारों पर भी भरोसा बढ़ाए।
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भारत दौरे से पहले मार्को रूबियो का बड़ा बयान
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अमेरिका भारत को असीमित ऊर्जा बेचने को तैयार
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क्वाड बैठक में शामिल होंगे कई बड़े नेता
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वेनेजुएला के तेल पर भी होगी चर्चा
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नई दिल्ली, कोलकाता, आगरा और जयपुर जाएंगे रूबियो
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मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ऊर्जा सुरक्षा पर फोकस
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता के बीच अमेरिका का यह बयान भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में क्वाड बैठक और ऊर्जा साझेदारी को लेकर भारत-अमेरिका संबंधों में नए समझौते और बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।
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