जयपुर प्रसूता किडनी फेल का नया मामला सामने आया
जयपुर प्रसूता किडनी फेल का एक और मामला सामने आने से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जयपुर के जयपुरिया हॉस्पिटल में डिलीवरी के करीब 24 घंटे बाद एक प्रसूता की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि प्रसव के बाद शुरुआती घंटों में महिला की हालत सामान्य थी, लेकिन बाद में उसका यूरिन आउटपुट बंद हो गया।
हालात बिगड़ने पर महिला को इलाज के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS Hospital), जयपुर रेफर किया गया। SMS अस्पताल में जांच के बाद किडनी से जुड़ी समस्या सामने आई, जिसके बाद महिला का डायलिसिस उपचार शुरू किया गया।
डिलीवरी के बाद अचानक बंद हुआ यूरिन आउटपुट
मिली जानकारी के अनुसार, प्रसूता प्रीति शर्मा की 25 अगस्त को जयपुरिया हॉस्पिटल में डिलीवरी हुई थी। प्रसव के बाद करीब 24 घंटे तक उनकी स्थिति सामान्य बताई गई।
इसके बाद अचानक यूरिन आउटपुट बंद हो गया। महिला की हालत बिगड़ने लगी तो डॉक्टरों ने आगे के इलाज के लिए उन्हें SMS अस्पताल रेफर करने का फैसला किया।
SMS अस्पताल पहुंचने के बाद महिला को मेडिसिन विभाग में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने आवश्यक जांचें कीं। जांच में किडनी से संबंधित परेशानी सामने आने के बाद डायलिसिस शुरू किया गया।

चार दिन से डायलिसिस पर चल रहा इलाज
जानकारी के मुताबिक, प्रसूता का पिछले चार दिनों से डायलिसिस किया जा रहा है। लगातार उपचार के बावजूद उसकी हालत गंभीर बनी हुई बताई जा रही है।
डिलीवरी के बाद अचानक किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने का मामला सामने आने के बाद चिकित्सकीय स्तर पर इसकी वजह जानने के लिए जांच की जरूरत बताई जा रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर इस मामले में किडनी फेल होने का अंतिम कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
राजस्थान में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
जयपुर का यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब राजस्थान के कई शहरों में प्रसव के बाद महिलाओं की किडनी संबंधी गंभीर समस्याओं के मामले सामने आने की बात कही गई है।
पिछले कुछ महीनों में कोटा, जोधपुर और बीकानेर में भी प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले सामने आए हैं। कोटा में ऐसे मामलों में कुछ महिलाओं की मौत भी हुई थी।
इन घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से जांच के लिए अलग-अलग कमेटियां गठित की गई थीं। हालांकि, अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार इन मामलों के पीछे एक स्पष्ट और अंतिम कारण सामने नहीं आया है।

कोटा के मामलों में इंजेक्शन पर उठे थे सवाल
कोटा में जब इस तरह के मामले सामने आए थे, तब शुरुआती जांच के दौरान एक इंजेक्शन के सैंपल के फेल होने की बात सामने आई थी। इसके बाद संबंधित दवा को संभावित कारणों में शामिल किया गया था।
हालांकि, केवल एक कारण के आधार पर सभी मामलों को जोड़ना उचित नहीं होगा। जयपुर में सामने आए नए मामले की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
क्या है पूरा मामला?
- मरीज: प्रीति शर्मा
- डिलीवरी: 25 अगस्त, जयपुरिया हॉस्पिटल
- शुरुआती स्थिति: डिलीवरी के बाद करीब 24 घंटे तक सामान्य
- मुख्य परेशानी: यूरिन आउटपुट बंद होना
- रेफर: SMS हॉस्पिटल, जयपुर
- इलाज: जांच के बाद डायलिसिस शुरू
- डायलिसिस: करीब चार दिनों से उपचार जारी बताया गया
- मामले की स्थिति: किडनी की समस्या का अंतिम कारण स्पष्ट नहीं
स्वास्थ्य विभाग की जांच से सामने आ सकता है कारण
जयपुर प्रसूता किडनी फेल के इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि डिलीवरी के बाद महिला की किडनी की कार्यक्षमता अचानक क्यों प्रभावित हुई।
ऐसे मामलों में प्रसव के दौरान और उसके बाद की मेडिकल हिस्ट्री, दवाओं का इस्तेमाल, संक्रमण, ब्लड प्रेशर, रक्तस्राव तथा अन्य चिकित्सकीय कारणों की जांच जरूरी होती है। इस मामले में भी वास्तविक कारण जांच और मेडिकल रिकॉर्ड के विस्तृत अध्ययन के बाद ही सामने आ सकता है।
फिलहाल महिला का SMS अस्पताल में इलाज जारी बताया गया है। परिवार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले की आगे की स्थिति को लेकर जानकारी सामने आने का इंतजार है।
नोट: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और दी गई जानकारी के आधार पर पुनर्लिखित है। किसी उपचार, दवा या किडनी संबंधी समस्या का कारण केवल चिकित्सकीय जांच के आधार पर ही निर्धारित किया जा सकता है।
Watch More :- https://youtu.be/YmoClZyJhtk

