धौलपुर प्रसूता मौत मामला: नवजात को जन्म देने के कुछ घंटे बाद महिला की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

धौलपुर प्रसूता मौत मामला राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर रहा है। धौलपुर जिले के बाड़ी क्षेत्र की रहने वाली 26 वर्षीय सपना की नवजात बच्ची को जन्म देने के कुछ घंटे बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला कलक्ट्रेट के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
मामले में अस्पताल प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं नवजात बच्ची फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में भर्ती है।
क्या है धौलपुर प्रसूता मौत मामला?
जानकारी के अनुसार बाड़ी कस्बे के गडरपुरा क्षेत्र निवासी सपना को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन जिला अस्पताल के जनाना विंग लेकर पहुंचे थे। यहां महिला की सामान्य डिलीवरी हुई और उसने एक बच्ची को जन्म दिया।
बताया गया कि बच्ची का स्वास्थ्य कमजोर होने के कारण उसे विशेष निगरानी में रखा गया। इसी दौरान प्रसूता की तबीयत बिगड़ने लगी। अस्पताल में चिकित्सकों ने रक्त चढ़ाने सहित आवश्यक उपचार किया, लेकिन देर रात उसकी हालत और गंभीर हो गई। अगले दिन सुबह उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लगाए गंभीर आरोप
महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि उपचार के दौरान पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई और मौत के बाद अस्पताल स्टाफ का व्यवहार भी उचित नहीं था।
परिजनों का आरोप है कि उन्हें जल्द शव ले जाने के लिए कहा गया। इससे नाराज परिवार पहले शव लेकर बाड़ी पहुंचा और बाद में जिला मुख्यालय लौटकर कलक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया।
हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
जिला कलक्ट्रेट के बाहर हुआ प्रदर्शन
घटना से आक्रोशित परिजनों ने मृतका का शव जिला कलक्ट्रेट परिसर के बाहर रखकर विरोध प्रदर्शन किया।
सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत की और मामले की जांच का भरोसा दिया, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया।
नवजात बच्ची डॉक्टरों की निगरानी में
अस्पताल सूत्रों के अनुसार जन्मी बच्ची कमजोर है और उसका इलाज जारी है।
चिकित्सक लगातार उसकी निगरानी कर रहे हैं ताकि उसकी स्थिति स्थिर बनी रहे।
एंबुलेंस चालक की चैट पर भी उठे सवाल
घटना के बाद एक नया विवाद भी सामने आया है।
परिजनों ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस चालक की किसी निजी अस्पताल से बातचीत हुई थी। यह भी दावा किया गया कि संबंधित चैट बाद में डिलीट कर दी गई।
हालांकि इस संबंध में प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच के दौरान इस पहलू को भी शामिल किया जा सकता है।
प्रशासन ने जांच शुरू की
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है।
पीएमओ और सीएमएचओ को भी अधिकारियों के समक्ष बुलाया गया है ताकि पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली जा सके।
जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी।
परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग की
मृतका के परिवार ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
परिजनों का कहना है कि यदि किसी प्रकार की चिकित्सीय लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
दूसरी ओर, प्रशासन ने कहा है कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

