SMS हॉस्पिटल में पंखा गिरा और अपनी बहन से मिलने पहुंची 59 वर्षीय महिला घायल हो गई। जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS Hospital) के चरक भवन स्थित ENT वार्ड में सोमवार शाम करीब 6 बजे यह हादसा हुआ। अचानक छत का पंखा महिला के सिर पर गिर गया, जिससे उसके सिर से काफी खून बहने लगा। इलाज के दौरान महिला के सिर में 12 से ज्यादा टांके लगाए गए।
हादसे के बाद घायल महिला और उसके परिजन काफी देर तक इलाज और एम्बुलेंस का इंतजार करते रहे। परिजनों का कहना है कि एम्बुलेंस आने में करीब आधा घंटा लग गया। इसके बाद महिला को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उसके सिर में टांके लगाए गए।

SMS हॉस्पिटल में पंखा गिरा, बहन से मिलने आई थी महिला
जानकारी के मुताबिक, करौली निवासी संतोष का ENT वार्ड में कान का ऑपरेशन हुआ था। उसकी 59 वर्षीय बहन रेणु भी करौली से उससे मिलने जयपुर के SMS अस्पताल पहुंची थी।
रेणु वार्ड में अपनी बहन के बेड के पास एक टेबल पर बैठी हुई थी। इसी दौरान अचानक छत पर लगा पंखा नीचे आ गिरा और सीधे उसके सिर पर जा लगा।
पंखा गिरते ही वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। रेणु के सिर से खून निकलने लगा। परिजनों ने तत्काल मदद की कोशिश की और अस्पताल कर्मचारियों से इलाज कराने की मांग की।
इलाज के लिए काफी देर तक करना पड़ा इंतजार
हादसे के बाद घायल महिला को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिलने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद करीब 10 से 15 मिनट तक वे वार्ड में ही इलाज का इंतजार करते रहे।
इसके बाद वहां मौजूद नर्सिंग कर्मचारियों ने एम्बुलेंस के लिए सूचना दी। बताया गया कि एम्बुलेंस करीब आधे घंटे बाद मौके पर पहुंची। इसके बाद घायल रेणु को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।
ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों ने महिला के सिर पर टांके लगाए। चोट गंभीर होने के कारण उसके सिर में 12 से ज्यादा टांके आने की बात सामने आई है।

ट्रॉमा सेंटर के बाद भी भर्ती को लेकर असमंजस
ट्रॉमा सेंटर में प्राथमिक उपचार के बाद महिला को वहीं भर्ती नहीं किया गया। डॉक्टरों ने उसे मेडिसिन विभाग में भर्ती कराने की सिफारिश की।
परिजनों के अनुसार, मेडिसिन विभाग में भी महिला को भर्ती नहीं किया गया और उसे वापस चरक भवन भेज दिया गया। इसके बाद घायल महिला को उसकी बहन के पास ENT वार्ड में ही बेड पर शिफ्ट कर दिया गया।
परिजनों को बताया गया कि मेडिसिन विभाग से डॉक्टर आएंगे और महिला की जांच के बाद आगे का इलाज किया जाएगा। हालांकि, मंगलवार सुबह करीब 11 बजे तक महिला को देखने के लिए डॉक्टर के नहीं पहुंचने का आरोप लगाया गया।

SMS अस्पताल की मेंटेनेंस व्यवस्था पर सवाल
SMS हॉस्पिटल में पंखा गिराने की इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा और मेंटेनेंस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अस्पताल में मरीज और उनके परिजन इलाज और सुरक्षा की उम्मीद लेकर आते हैं। ऐसे में वार्ड की छत पर लगा पंखा अचानक गिर जाना अस्पताल की इलेक्ट्रिकल और मेंटेनेंस व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़ा करता है।
अस्पताल में पंखों और दूसरे इलेक्ट्रिकल उपकरणों की जांच तथा रखरखाव के लिए संबंधित विभाग और इंजीनियरिंग स्टाफ की व्यवस्था है। इसके बावजूद यदि किसी वार्ड में लगा पंखा अचानक गिर जाता है, तो यह जानना जरूरी है कि उसकी फिटिंग और नियमित जांच कब की गई थी।
हादसे के बाद जिम्मेदार अधिकारियों से सवाल पूछे गए, लेकिन संबंधित अधिकारी इस मामले में स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। रिपोर्ट के मुताबिक, जिम्मेदार जेईएन शक्ति सिंह से भी बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
पहले भी सामने आ चुके हैं अस्पताल में ऐसे हादसे
SMS अस्पताल में इस तरह की घटना पहली बार सामने नहीं आई है। इससे पहले मई 2025 में अस्पताल की मेन बिल्डिंग के सर्जरी विभाग के वार्ड में छत का प्लास्टर और मलबा अचानक नीचे गिर गया था। उस घटना में वार्ड में भर्ती दो मरीज घायल हुए थे।
इसके अलावा 4 अगस्त 2026 को चूरू जिले के सुजानगढ़ स्थित जनाना अस्पताल में बरामदे की छत का प्लास्टर एक महिला के सिर पर गिर गया था। उस हादसे में महिला के सिर में दो टांके आए थे।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं सरकारी अस्पतालों में भवन, छत, पंखे और अन्य उपकरणों की नियमित सुरक्षा जांच की जरूरत को रेखांकित करती हैं।
क्या होगी जिम्मेदारों पर कार्रवाई?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि SMS अस्पताल में पंखा गिरने की घटना के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी। क्या पंखे की फिटिंग की पहले से जांच की गई थी? क्या अस्पताल के वार्डों में लगे पुराने पंखों और अन्य उपकरणों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है? और हादसे के बाद घायल महिला को समय पर चिकित्सा सुविधा क्यों नहीं मिल पाई?
इन सवालों के जवाब अस्पताल प्रशासन और संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
ऐसी घटनाओं को केवल एक हादसा मानकर छोड़ने के बजाय अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना जरूरी है, ताकि भविष्य में मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों की जान को खतरा न हो।
निष्कर्ष
SMS हॉस्पिटल में पंखा गिरा और एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। उसके सिर में 12 से ज्यादा टांके आए। हादसे के बाद एम्बुलेंस पहुंचने में कथित देरी और अलग-अलग विभागों में इलाज को लेकर हुई परेशानी ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े किए हैं।
अब जरूरत है कि अस्पताल प्रशासन घटना की निष्पक्ष जांच कराए और यह सुनिश्चित करे कि वार्डों में लगे पंखों, छतों और इलेक्ट्रिकल उपकरणों की नियमित सुरक्षा जांच हो। साथ ही, आपात स्थिति में मरीजों और उनके परिजनों को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी मजबूत की जाए।
नोट: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट और दी गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। जिम्मेदार अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
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