इंडिगो फ्लाइट में 3 साल के बच्चे की बिगड़ी तबीयत, मेडिकल इमरजेंसी घोषित कर सूरत में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग
अहमदाबाद से मुंबई जा रही इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट में सोमवार शाम उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब यात्रा के दौरान एक तीन वर्षीय बच्चे की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बच्चा फ्लाइट के बीच सफर के दौरान बेहोश हो गया, जिसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू मेंबर्स के बीच चिंता बढ़ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पायलट ने तुरंत मेडिकल इमरजेंसी घोषित की और विमान की सूरत एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई। समय रहते उठाए गए इस कदम के कारण बच्चे को तुरंत अस्पताल पहुंचाकर इलाज शुरू किया जा सका।
जानकारी के अनुसार अहमदाबाद से मुंबई जा रही इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E-7018 अपने निर्धारित मार्ग पर थी। उड़ान के दौरान तीन साल के बच्चे सौरभ की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया। बच्चे की हालत देखकर उसके परिजन घबरा गए और तुरंत केबिन क्रू को इसकी जानकारी दी। इसके बाद क्रू मेंबर्स ने विमान में मौजूद यात्रियों से घोषणा कर पूछा कि क्या कोई डॉक्टर फ्लाइट में मौजूद है।

घोषणा के बाद विमान में यात्रा कर रहे दो डॉक्टर आगे आए और उन्होंने बच्चे की जांच कर प्राथमिक उपचार देने का प्रयास किया। डॉक्टरों ने उपलब्ध मेडिकल उपकरणों और दवाओं की मदद से बच्चे को होश में लाने की कोशिश की, लेकिन उसकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने क्रू को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की सलाह दी।
डॉक्टरों की सलाह मिलते ही पायलट ने बिना देर किए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क किया और मेडिकल इमरजेंसी की जानकारी दी। पायलट ने निकटतम एयरपोर्ट पर विमान उतारने की अनुमति मांगी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सूरत एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति प्रदान कर दी। इसके बाद विमान को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित रूप से सूरत एयरपोर्ट पर उतारा गया।
सूरत एयरपोर्ट पर पहले से ही मेडिकल टीम और एम्बुलेंस को तैयार रखा गया था। विमान के उतरते ही मेडिकल स्टाफ तुरंत अंदर पहुंचा और बच्चे की जांच की। इसके बाद उसे बिना समय गंवाए शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज शुरू किया गया। फिलहाल बच्चे की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। हालांकि उसकी तबीयत बिगड़ने का सटीक कारण अभी सामने नहीं आया है और डॉक्टर विभिन्न चिकित्सकीय जांच कर रहे हैं।
इस पूरी घटना के दौरान फ्लाइट के अन्य यात्रियों ने भी सहयोग का परिचय दिया। कई यात्रियों ने बच्चे के परिवार को सांत्वना दी और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में क्रू की मदद की। वहीं, एयरलाइन के केबिन क्रू ने भी पूरी सूझबूझ और पेशेवर तरीके से स्थिति को संभाला। पायलट द्वारा लिया गया त्वरित निर्णय और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की तत्परता इस घटना में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई।
विशेषज्ञों का कहना है कि विमान यात्रा के दौरान यदि किसी यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ जाती है, तो ऐसी स्थिति में पायलट के पास मेडिकल इमरजेंसी घोषित कर निकटतम एयरपोर्ट पर लैंडिंग कराने का अधिकार होता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मरीज को जल्द से जल्द विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना होता है। एयरलाइंस भी ऐसे मामलों के लिए विशेष प्रोटोकॉल का पालन करती हैं ताकि किसी भी यात्री की जान को खतरा न हो।
फिलहाल बच्चे का अस्पताल में उपचार जारी है और उसके स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है। परिवार के सदस्य भी अस्पताल में मौजूद हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि आपातकालीन परिस्थितियों में पायलट, केबिन क्रू, डॉक्टर और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच तेज समन्वय किसी भी यात्री की जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

