राजस्थान में भीषण गर्मी से जनजीवन बेहाल, 26 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट, सप्ताहांत तक मानसून की दस्तक संभव
राजस्थान में जून का अंतिम सप्ताह भी लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत नहीं दे पा रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। तेज धूप, गर्म हवाएं और उमस के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की दस्तक से पहले प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में इसी तरह की गर्म और उमस भरी परिस्थितियां बनी रह सकती हैं।
सबसे अधिक गर्मी पश्चिमी राजस्थान के जिलों में महसूस की जा रही है। जोधपुर, बीकानेर और श्रीगंगानगर में मई जैसी तपिश देखने को मिल रही है। सुबह से ही तेज धूप निकल रही है और दोपहर होते-होते सड़कें सुनसान नजर आने लगती हैं। गर्म हवाओं के कारण लोगों को लू जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, रात के समय भी तापमान में अपेक्षित गिरावट नहीं होने से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। लगातार बढ़ती गर्मी का असर बिजली और पानी की मांग पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

हालांकि प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में मौसम का मिजाज कुछ बदला हुआ नजर आया। पिछले 24 घंटों के दौरान कोटा, झालावाड़, बारां, सवाई माधोपुर, करौली और उदयपुर के कई इलाकों में दोपहर बाद आसमान में हल्के बादल छाए रहे। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी दर्ज की गई, जिससे स्थानीय स्तर पर तापमान में थोड़ी गिरावट आई और लोगों को गर्मी से आंशिक राहत मिली। बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से उमस भी महसूस की गई, लेकिन तेज धूप से कुछ समय के लिए राहत जरूर मिली।
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए प्रदेश के 26 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन जिलों में तेज आंधी चलने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी भी हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस सप्ताह के अंत तक राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की औपचारिक एंट्री होने की संभावना है। अनुमान है कि मानसून सबसे पहले कोटा और बारां क्षेत्र के रास्ते प्रदेश में प्रवेश करेगा। इसके बाद धीरे-धीरे यह पूर्वी और दक्षिणी जिलों में सक्रिय होगा तथा आगे बढ़ते हुए अन्य क्षेत्रों तक पहुंचेगा। यदि मौसम की वर्तमान परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं तो जुलाई के पहले सप्ताह में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश की शुरुआत हो सकती है।
मानसून की संभावित एंट्री को लेकर किसानों में भी उत्साह देखा जा रहा है। खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारी कर रहे किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। समय पर मानसून आने से खेती-किसानी को गति मिलेगी और जलाशयों में भी पानी की आवक बढ़ेगी। वहीं, शहरों में रहने वाले लोग भी लगातार पड़ रही भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि तेज गर्मी के दौरान दोपहर में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें। वहीं, आंधी और बारिश के दौरान खुले स्थानों, कमजोर पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह भी दी गई है। यदि अनुमान सही साबित होता है तो आने वाले कुछ दिनों में राजस्थान में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल सकता है और लंबे इंतजार के बाद लोगों को मानसून की ठंडी फुहारों से राहत मिलने लगेगी।

