राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: चंपत राय समेत तीन पदाधिकारियों से पूछताछ, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, आरोपियों के बैंक खातों की जांच तेज
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस बहुचर्चित मामले में जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा और गोपाल राव से पुलिस ने पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। पूछताछ पूरी होने के बाद चंपत राय दिल्ली रवाना हो गए। दूसरी ओर यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया है, जहां सीबीआई जांच की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया गया। कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई न्यायालय की छुट्टियों के बाद नियमानुसार की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, वकील अनूप अवस्थी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि राम मंदिर में चढ़ावे की राशि के गबन की निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र एजेंसी की आवश्यकता है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए सवाल किया कि इस मामले में इतनी जल्दबाजी क्यों की जा रही है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अवकाश समाप्त होने के बाद नियमानुसार इस याचिका पर सुनवाई होगी।

इधर, अयोध्या पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे भारतीय स्टेट बैंक की अयोध्या धाम शाखा पहुंचकर जेल में बंद आठ आरोपियों के बैंक खातों की जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में से सात के खाते इसी शाखा में संचालित हैं। जांच टीम ने बैंक से सभी खातों का विस्तृत स्टेटमेंट प्राप्त किया है। अब यह पता लगाया जाएगा कि आरोपियों के राम मंदिर में नौकरी शुरू करने के बाद उनके खातों में कितनी धनराशि जमा हुई और किन-किन स्रोतों से पैसा आया। पुलिस वित्तीय लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि कथित चोरी से जुड़े किसी आर्थिक नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
जांच के दौरान पुलिस ने बैंक के दो कर्मचारियों को भी नोटिस जारी किया है। उनसे खातों के संचालन, लेनदेन और बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी मांगी गई है। पुलिस का मानना है कि बैंक रिकॉर्ड से जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिल सकती है और यह स्पष्ट हो सकेगा कि चोरी की गई राशि का उपयोग किस प्रकार किया गया।
सोमवार को सभी आठ गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस उनसे विस्तृत पूछताछ के लिए न्यायालय से रिमांड की मांग कर सकती है। अधिकारियों का कहना है कि रिमांड मिलने पर आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम और संभावित अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
इस बीच अयोध्या के अधिवक्ताओं ने भी इस मामले को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को वकीलों की एक बड़ी बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार किसी भी आरोपी की ओर से कोई अधिवक्ता पैरवी नहीं करेगा। बैठक में यह भी मांग उठाई गई कि चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा अयोध्या छोड़ दें। वकीलों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
राम मंदिर जैसे आस्था के सबसे बड़े केंद्र से जुड़े इस मामले ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ की जा रही है तथा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अब सभी की निगाहें बैंक खातों की जांच, आरोपियों से होने वाली पूछताछ, संभावित पुलिस रिमांड और सुप्रीम कोर्ट में होने वाली आगामी सुनवाई पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों से इस पूरे मामले में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

