दिल्ली में इलेक्ट्रिक कार खरीदना हुआ सस्ता, ₹30 लाख तक की EV पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ
दिल्ली सरकार ने राजधानी में स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार, 29 जून को दिल्ली कैबिनेट ने नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी को मंजूरी दे दी। इस नई नीति के तहत अब दिल्ली में ₹30 लाख तक की कीमत वाली इलेक्ट्रिक कार खरीदने वाले लोगों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ होगी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से अधिक से अधिक लोग इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर आकर्षित होंगे और राजधानी में प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।
दिल्ली लंबे समय से देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रही है। खासकर सर्दियों के मौसम में वायु गुणवत्ता बेहद खराब हो जाती है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। ऐसे में सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है जिनसे पेट्रोल और डीजल वाहनों पर निर्भरता कम हो और इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़े। नई ईवी पॉलिसी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

नई नीति के अनुसार, ₹30 लाख तक की कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर किसी भी प्रकार का रोड टैक्स या रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं लिया जाएगा। इससे कार खरीदने की कुल लागत में अच्छी-खासी कमी आएगी और मध्यम वर्ग के लिए भी इलेक्ट्रिक कार खरीदना पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि टैक्स में मिलने वाली इस राहत से इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में तेजी आएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इस पॉलिसी को अब अंतिम स्वीकृति के लिए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के पास भेजा जाएगा। उपराज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद यह नीति आधिकारिक रूप से लागू हो जाएगी। सरकार की योजना है कि नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को 1 जुलाई से लागू कर दिया जाए और यह 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहे।
नई पॉलिसी केवल टैक्स छूट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य राजधानी में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देना भी है। सरकार भविष्य में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, सार्वजनिक स्थानों पर अधिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने और लोगों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन चलाना अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में भी काम करेगी। इससे न केवल निजी वाहन मालिकों को लाभ मिलेगा, बल्कि सार्वजनिक परिवहन और व्यावसायिक वाहनों में भी इलेक्ट्रिक विकल्पों को बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में लोग पेट्रोल और डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहन अपनाते हैं तो कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे वायु प्रदूषण घटेगा, ईंधन पर होने वाला खर्च कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन अपेक्षाकृत कम खर्चीला होता है, जिससे वाहन मालिकों को लंबे समय में आर्थिक लाभ भी मिलता है।
ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए भी यह फैसला सकारात्मक माना जा रहा है। टैक्स छूट मिलने से इलेक्ट्रिक कारों की मांग बढ़ सकती है, जिससे वाहन निर्माता कंपनियां नए मॉडल बाजार में उतारने के लिए प्रोत्साहित होंगी। साथ ही बैटरी, चार्जिंग स्टेशन और ईवी से जुड़े अन्य उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
दिल्ली सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में राजधानी को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का प्रमुख केंद्र बनाना है। इसके लिए सरकार लगातार नई योजनाओं और प्रोत्साहनों पर काम कर रही है। यदि यह नीति सफल रहती है तो अन्य राज्य भी इसी तरह के कदम उठाने पर विचार कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, ₹30 लाख तक की इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ करने का फैसला दिल्ली में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलेगी, इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ेगी और राजधानी में प्रदूषण कम करने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।

