हल्के बुखार में लगा गलत इंजेक्शन, राष्ट्रीय पहलवान चार दिन तक रहे कोमा में, मेडिकल स्टोर संचालक पर गंभीर आरोप
राजस्थान के सीकर जिले के रहने वाले राष्ट्रीय स्तर के रेसलिंग खिलाड़ी विजय कुमार लांबा ने एक चौंकाने वाला आरोप लगाया है। विजय का कहना है कि हल्के बुखार के इलाज के लिए रोहतक में एक मेडिकल स्टोर पर जाने के दौरान उन्हें ऐसा इंजेक्शन लगा दिया गया, जिसके बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। इंजेक्शन लगते ही वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। विजय के अनुसार वह लगातार चार दिनों तक कोमा में रहे। अब स्वास्थ्य में सुधार आने के बाद उन्होंने पुलिस को अपना बयान दर्ज कराया है और मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
विजय कुमार लांबा का कहना है कि उन्हें केवल हल्का बुखार था और वह सामान्य उपचार कराने के उद्देश्य से मेडिकल स्टोर पहुंचे थे। वहां मौजूद संचालक ने बिना किसी विस्तृत जांच या चिकित्सकीय सलाह के उन्हें इंजेक्शन लगा दिया। आरोप है कि इंजेक्शन लगने के कुछ ही क्षण बाद उन्हें चक्कर आने लगे और देखते ही देखते वह बेहोश होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती किया।

परिजनों के अनुसार विजय चार दिनों तक कोमा में रहे। इस दौरान परिवार के सदस्यों की चिंता बढ़ गई और लगातार डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चलता रहा। काफी प्रयासों के बाद उनकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हुआ और होश आने पर उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी अपने परिवार और पुलिस को दी। विजय का आरोप है कि यदि सही इलाज और सावधानी बरती जाती तो उन्हें इतनी गंभीर स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद विजय कुमार लांबा ने पुलिस को अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने मेडिकल स्टोर संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बिना उचित चिकित्सकीय परामर्श के इंजेक्शन लगाना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य व्यक्ति के साथ ऐसी घटना न हो।
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर मेडिकल स्टोरों पर बिना डॉक्टर की मौजूदगी के इंजेक्शन लगाए जाते हैं, जो मरीजों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि किसी भी इंजेक्शन या दवा का उपयोग प्रशिक्षित चिकित्सक की सलाह और निगरानी में ही किया जाना चाहिए। गलत दवा, गलत मात्रा या किसी दवा से एलर्जी जैसी स्थिति मरीज की जान के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।
कानूनी जानकारों के अनुसार यदि जांच में यह साबित होता है कि मेडिकल स्टोर संचालक ने नियमों का उल्लंघन करते हुए लापरवाही बरती है, तो उसके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस अब विजय के बयान और उपलब्ध चिकित्सा दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट, उपचार का रिकॉर्ड और इंजेक्शन से जुड़ी अन्य जानकारियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
विजय कुमार लांबा राष्ट्रीय स्तर पर रेसलिंग में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनके साथ हुई इस घटना ने खेल जगत में भी चिंता बढ़ा दी है। खिलाड़ियों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
फिलहाल विजय की तबीयत में पहले की तुलना में सुधार बताया जा रहा है, लेकिन डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, यह मामला एक बार फिर लोगों को यह संदेश देता है कि किसी भी बीमारी के उपचार के लिए केवल योग्य डॉक्टर की सलाह लें और बिना चिकित्सकीय परामर्श के इंजेक्शन या दवा लेने से बचें। इससे गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से बचा जा सकता है।

