Violence in Family शराब के नशे में बेटे का खूनी खेल, पिता की मौत से दहला बरेली |
Domestic Violence Case बरेली में घरेलू विवाद बना मौत की वजह, बेटे की हिंसा ने ली पिता की जान |
बरेली के कैंट थाना क्षेत्र के काँधरपुर गांव से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। परिवार के भीतर हुआ यह विवाद इतना बढ़ गया कि एक बेटे ने अपने ही पिता की जान ले ली। यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं बल्कि समाज में बढ़ती घरेलू कलह और नशे की वजह से पैदा हो रही Violence का बड़ा उदाहरण बन चुका है।

जानकारी के मुताबिक 55 वर्षीय काशीराम कश्यप अपने परिवार के साथ गाँव में रहते थे। बीती 20 मई की रात उनका बेटा अमित शराब के नशे में घर पहुंचा। घर पहुंचते ही उसने गाली-गलौज शुरू कर दी। परिवार के लोगों ने उसे समझाने की कोशिश की लेकिन नशे में धुत अमित किसी की सुनने को तैयार नहीं था। धीरे-धीरे बहस इतनी बढ़ गई कि मामला खुली Violence में बदल गया।
बताया जा रहा है कि जब पिता काशीराम ने बेटे को शांत कराने की कोशिश की, तब अमित ने लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से पूरा परिवार घबरा गया। बीच-बचाव करने आई बहन प्रीति और बुआ को भी आरोपी ने नहीं छोड़ा। घर के अंदर चीख-पुकार और Violence का माहौल बन गया।
परिजनों ने किसी तरह घायल काशीराम को जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पिता की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव के लोग भी अस्पताल पहुंच गए और इलाज में देरी का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू हो गया। अस्पताल परिसर में तनाव और Violence जैसी स्थिति बन गई, जिसे संभालने के लिए पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा।
मृतक की बेटी प्रीति ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि अमित अक्सर शराब पीकर घर आता था और परिवार के साथ मारपीट करता था। परिवार लंबे समय से उसके व्यवहार से परेशान था। कई बार समझाने के बावजूद उसमें कोई सुधार नहीं आया। गांव वालों का कहना है कि नशे की लत ने अमित को पूरी तरह बदल दिया था और उसके अंदर लगातार Violence बढ़ती जा रही थी।

घटना के बाद आरोपी अमित मौके से फरार हो गया। जाते-जाते उसने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस अब उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। कैंट थाना पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या समेत अन्य गंभीर धाराएं भी बढ़ाई जाएंगी। फिलहाल गांव में डर और Violence को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर शराब और घरेलू तनाव लोगों को कितना खतरनाक बना सकता है। छोटी-छोटी कहासुनी जब गुस्से और Violence में बदलती है तो उसका अंजाम पूरे परिवार को बर्बाद कर देता है। काशीराम की मौत ने न सिर्फ एक पिता को परिवार से छीन लिया बल्कि पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है।
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि पहले परिवारों में मतभेद होते थे लेकिन बातचीत से हल निकाल लिया जाता था। अब हालात बदल गए हैं। युवा पीढ़ी में बढ़ती नशे की आदत और गुस्सा सीधे Violence की तरफ ले जा रहा है। यही कारण है कि घरेलू विवाद अब जानलेवा घटनाओं में बदलते जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। वहीं परिवार के लोग आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी Violence दोबारा किसी घर को बर्बाद न कर सके।
यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं बल्कि समाज के लिए भी चेतावनी है। अगर समय रहते नशे और घरेलू झगड़ों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो ऐसी Violence लगातार बढ़ती जाएगी। जरूरत इस बात की है कि परिवारों में संवाद बना रहे और किसी भी विवाद को इतना न बढ़ने दिया जाए कि वह जानलेवा बन जाए।
फिलहाल काँधरपुर गांव में मातम पसरा हुआ है। एक पिता की मौत और बेटे के फरार होने की यह कहानी हर किसी को सोचने पर मजबूर कर रही है। लोग यही कह रहे हैं कि अगर समय रहते गुस्से और Violence पर काबू पा लिया जाता, तो शायद आज काशीराम जिंदा होते।
पुलिस की जांच जारी है और पूरे इलाके की नजर अब आरोपी की गिरफ्तारी पर टिकी हुई है। वहीं यह मामला समाज में बढ़ती Violence और नशे की समस्या पर गंभीर बहस भी खड़ी कर रहा है।
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