राजस्थान हाउसिंग बोर्ड की जमीनें होंगी महंगी, जुलाई से बढ़ सकती हैं नई दरें

राजस्थान हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में जमीन खरीदना आने वाले महीनों में महंगा हो सकता है।
बोर्ड प्रशासन ने प्रदेशभर की जमीनों की आवासीय आरक्षित दरों में बढ़ोतरी की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए मुख्यालय ने सभी उप-आवासन आयुक्तों और डिविजनल आवासीय अभियंताओं को नई दरों के प्रस्ताव तैयार कर मई महीने के अंत तक भेजने के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार इन प्रस्तावों पर चर्चा के बाद जुलाई 2026 से नई दरें लागू की जा सकती हैं। बोर्ड प्रशासन ने उन जमीनों का भी ब्यौरा मांगा है, जहां अगले 4-5 महीनों में नई आवासीय योजनाएं लॉन्च करने की तैयारी है।
जयपुर में जगतपुरा के आगे सिरोली और दांतली क्षेत्र में नई स्कीम लाने की योजना पर काम चल रहा है। इन क्षेत्रों की आवासीय आरक्षित दरें अब तक तय नहीं हुई हैं। इसके अलावा चौमूं क्षेत्र में अवाप्तशुदा 30 बीघा से ज्यादा जमीन पर भी नई योजना लाने की तैयारी है, जहां अब नई दरें निर्धारित की जा सकती हैं।

रजिस्ट्री पर पड़ेगा सीधा असर
नई दरों का सबसे ज्यादा असर पुराने और हाल ही में आवंटित मकानों, फ्लैट्स और भूखंडों की रजिस्ट्री पर देखने को मिलेगा। हाउसिंग बोर्ड में बड़ी संख्या में पुराने मकानों के नियमितीकरण और रजिस्ट्री से जुड़े मामले आते हैं।
पुराने आवंटियों को राहत
हालांकि जिन आवासों का आवंटन पहले हो चुका है और आवंटी को डिमांड लेटर जारी किया जा चुका है, उन पर नई बढ़ी हुई दरें लागू नहीं होंगी। उदाहरण के तौर पर यदि किसी आवास का आवंटन जनवरी 2026 में हो चुका है और भुगतान बाकी है, तब भी उस आवंटी से पुरानी निर्धारित राशि ही ली जाएगी।
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