UIDAI Big Update: पुराना mAadhaar ऐप जल्द होगा बंद, सरकार ने लॉन्च किया प्राइवेसी-फर्स्ट ‘नया आधार ऐप’; जानें इसकी सभी विशेषताएं, लाभ और सेटअप प्रक्रिया

नई दिल्ली: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने देश के नागरिकों के डिजिटल पहचान अनुभव को पूरी तरह बदलने और उनकी व्यक्तिगत जानकारी को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार की गोपनीयता-प्रथम (Privacy-First) डिजिटल पहचान पहल के तहत आधिकारिक तौर पर “नया आधार मोबाइल ऐप” लॉन्च कर दिया गया है। इसके साथ ही UIDAI ने यह साफ कर दिया है कि पुराना ‘mAadhaar’ ऐप जल्द ही पूरी तरह से बंद (Discontinue) कर दिया जाएगा।
अगर आप भी अभी तक पुराने mAadhaar ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार ने सभी नागरिकों से जल्द से जल्द नए प्लेटफॉर्म पर स्विच करने का आग्रह किया है ताकि वे बिना किसी बाधा के तेज़, स्मार्ट और अधिक सुरक्षित सेवाओं का लाभ उठा सकें।
पुराना mAadhaar ऐप क्यों हो रहा है बंद?

UIDAI ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (X अकाउंट) के माध्यम से पुष्टि की है कि पुराना प्लेटफॉर्म अब इतिहास बनने जा रहा है। प्राधिकरण ने पोस्ट साझा करते हुए कहा:
“mAadhaar जल्द ही बंद हो जाएगा। नया Aadhaar ऐप डाउनलोड करें और तेज़ पहुँच, बेहतर सुविधाओं का अनुभव करें और अपनी उंगलियों पर सेवाओं का आनंद लें। इसे आपके Aadhaar अनुभव को पहले से कहीं अधिक सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।”
पुराने और नए ऐप में क्या है मुख्य अंतर?
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डेटा शेयरिंग पर नियंत्रण: पुराना mAadhaar ऐप मुख्य रूप से ओटीपी (OTP) आधारित प्रणालियों पर निर्भर था और अक्सर सत्यापन (Verification) के दौरान उपयोगकर्ता की पूरी आधार जानकारी स्क्रीन पर प्रदर्शित कर देता था।
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गोपनीयता और सुरक्षा: नया ऐप डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम के सिद्धांतों और डेटा न्यूनीकरण (Data Minimisation) प्रथाओं पर आधारित है। इसका मतलब है कि अब पहचान सत्यापित करने के लिए आपको अपनी सारी निजी जानकारी किसी के साथ साझा करने की आवश्यकता नहीं होगी।
नए आधार ऐप की सबसे बड़ी और क्रांतिकारी विशेषताएं
नया आधार ऐप केवल एक अपडेटेड वर्जन नहीं है, बल्कि इसे पूरी तरह से एक नए और सुरक्षित आर्किटेक्चर पर तैयार किया गया है। आइए नजर डालते हैं इसकी मुख्य विशेषताओं पर:
1. चयनात्मक डेटा साझाकरण (Selective Data Sharing)
यह इस ऐप का सबसे बड़ा गोपनीयता सुधार है। अब आप यह तय कर सकते हैं कि किसी सेवा प्रदाता के साथ आपको कौन सी जानकारी साझा करनी है। उदाहरण के लिए, यदि आप किसी होटल में चेक-इन कर रहे हैं और उन्हें केवल आपकी आयु या नाम की पुष्टि चाहिए, तो ऐप पूरी आधार संख्या या अन्य संवेदनशील डेटा को छुपाकर केवल उतनी ही जानकारी की पुष्टि करेगा जितनी आवश्यक है।
2. क्यूआर आधारित ऑफलाइन सत्यापन (QR-Based Verification)
अब कहीं भी भौतिक फोटोकॉपी देने या पूरा विवरण दिखाने की जरूरत नहीं है। उपयोगकर्ता ऐप के भीतर से एक सुरक्षित क्यूआर कोड (QR Code) जेनरेट कर सकते हैं। यह प्रणाली ऑफलाइन वातावरण में भी काम करती है, यानी अगर आपके फोन में इंटरनेट नहीं है, तब भी आप इसके जरिए होटल, अस्पताल या सरकारी कार्यालयों में आसानी से सत्यापन करवा सकते हैं।
3. चेहरे की पहचान का समर्थन (Face ID Authentication)
ओटीपी और फिंगरप्रिंट के अलावा, UIDAI ने अब इसमें मजबूत प्रमाणीकरण के लिए फेस ऑथेंटिकेशन (Face ID) को जोड़ दिया है। इससे पहचान की जांच और उपस्थिति का प्रमाण देना बेहद सुरक्षित और त्वरित हो गया है।
4. वन-क्लिक बायोमेट्रिक लॉक/अनUnlock
आप अपने फिंगरप्रिंट, आइरिस (आंखों की पुतली) और चेहरे की पहचान से जुड़े बायोमेट्रिक डेटा को सीधे अपने फोन से एक क्लिक में लॉक या अनलॉक कर सकते हैं। इससे आपके डेटा के दुरुपयोग या अनधिकृत एक्सेस का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाता है।
5. प्रमाणीकरण इतिहास ट्रैकिंग (Authentication History Tracking)
उपयोगकर्ता ऐप के भीतर यह देख सकते हैं कि उनके आधार का उपयोग कब, कहां और किस उद्देश्य के लिए किया गया है। यह पारदर्शिता संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने में मदद करती है।
6. एक परिवार, एक ऐप (One Family, One App)
इस ऐप के जरिए एक ही डिवाइस पर अधिकतम पांच (5) आधार प्रोफाइल को प्रबंधित (Manage) किया जा सकता है। माता-पिता अपने बच्चों या घर के वरिष्ठ नागरिकों के आधार को अपने ही मोबाइल नंबर से लिंक करके एक ही ऐप में सुरक्षित रख सकते हैं।
7. मोबाइल नंबर और पते में ऑनलाइन अपडेट
अब मामूली बदलावों के लिए आधार केंद्रों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। उपयोगकर्ता सीधे नए ऐप के माध्यम से अपना मोबाइल नंबर और पता अपडेट करने का अनुरोध दर्ज कर सकते हैं।
रोज़मर्रा की जिंदगी में कैसे मददगार है यह ऐप?

UIDAI के अनुसार, इस नए ऐप को दैनिक जीवन की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। आप इसका उपयोग निम्नलिखित जगहों पर आसानी से कर सकते हैं:
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क्यूआर कोड के जरिए होटल चेक-इन करने में।
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अस्पतालों में आने वाले आगंतुकों और मरीजों के त्वरित सत्यापन में।
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सिनेमा हॉल या ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए आयु सत्यापन (Age Verification) में।
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गिग वर्कर्स (जैसे डिलीवरी पार्टनर, कैब ड्राइवर) के वेरिफिकेशन के लिए।
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नए सर्विस पार्टनर्स या किराना दुकानों को जोड़ते समय।
इसके अलावा, DPDP फ्रेमवर्क के लागू होने से अब होटलों, कार्यालयों और अन्य निजी संस्थाओं को आपके आधार कार्ड की भौतिक फोटोकॉपी अपने पास जमा रखने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे डेटा चोरी का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा। इसमें मास्क्ड वेरिफिकेशन (Masked Verification) का विकल्प भी उपलब्ध है, जिससे साझा करते समय आपका आधार नंबर पूरी तरह छिपा रहता है।
नए आधार ऐप को कैसे सेट अप करें? (Step-by-Step Guide)
सुरक्षा की कई परतों (Layers of Security) के कारण इसकी ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पुराने ऐप की तुलना में थोड़ी विस्तृत है। इसे सेटअप करने का तरीका नीचे दिया गया है:
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ऐप डाउनलोड करें: सबसे पहले अपने स्मार्टफोन के गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) या एप्पल ऐप स्टोर (Apple App Store) से आधिकारिक ‘Aadhaar’ ऐप डाउनलोड करें।
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भाषा और मोबाइल नंबर चुनें: ऐप खोलने के बाद अपनी पसंदीदा भाषा का चयन करें और अपने आधार कार्ड से लिंक पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें।
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ओटीपी सत्यापन: आपके नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, जिसे दर्ज करके आगे बढ़ें।
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फेस ऑथेंटिकेशन: सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए ऐप आपसे फेस ऑथेंटिकेशन की मांग करेगा। कैमरे के सामने आकर अपना चेहरा सत्यापित करें।
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सुरक्षा पिन (PIN) बनाएं: इसके बाद अपनी पसंद का 6-अंकों का सुरक्षा पिन (Security PIN) बनाएं। आप चाहें तो अतिरिक्त सुरक्षा के लिए फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक जैसे बायोमेट्रिक लॉक को भी इनेबल कर सकते हैं।
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खाता सक्रिय: इन चरणों के पूरा होने के बाद आपका प्रोफाइल और खाता पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा।
सुरक्षा के अन्य विकल्प: वर्चुअल आईडी (VID) कैसे बनाएं?
यदि आप किसी भी जगह अपना वास्तविक आधार नंबर बिल्कुल साझा नहीं करना चाहते हैं, तो आप वर्चुअल आईडी (VID) का उपयोग कर सकते हैं। यह 16 अंकों की एक सुरक्षित और अस्थायी संख्या होती है, जिसका उपयोग e-KYC, ऑथेंटिकेशन और आधार को सुरक्षित रूप से अनलॉक करने के लिए किया जाता है।
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जैसा कि आप इमेज image_0d0322.jpg में देख सकते हैं, आप सीधे आधार की आधिकारिक हेल्पलाइन 1947 (Toll-Free) पर कॉल करके भी अपनी वर्चुअल आईडी (VID) तुरंत जेनरेट कर सकते हैं।
देशवासियों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी: मुफ्त दस्तावेज अपडेट की समयसीमा बढ़ी
नया ऐप लॉन्च करने के साथ ही UIDAI ने देश के नागरिकों को एक और बड़ी राहत दी है। सरकार ने मुफ्त ऑनलाइन आधार दस्तावेज अपडेट सेवा (Free Online Aadhaar Document Update Service) की समयसीमा को आगे बढ़ा दिया है।
पहले यह मुफ्त सुविधा केवल 15 जून, 2026 तक ही उपलब्ध थी, लेकिन अब नागरिक 14 जून, 2027 तक myAadhaar पोर्टल के माध्यम से अपनी पहचान के प्रमाण (PoI) और पते के प्रमाण (PoA) से जुड़े दस्तावेजों को बिल्कुल मुफ्त में ऑनलाइन अपडेट कर सकते हैं।

