India-UK Free Trade Agreement: सस्ती होंगी लग्जरी कारें! 15 जुलाई से लागू होगा भारत-UK फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, 100% से घटकर 10% होगा टैरिफ 
नई दिल्ली, 18 जून 2026। अगर आप Range Rover, Bentley, Aston Martin या McLaren जैसी ब्रिटिश लग्जरी कार खरीदने का सपना देख रहे हैं, तो अब वो सपना पूरा होने के काफी करीब आ गया है। भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच हुआ ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) — जिसे आधिकारिक तौर पर Comprehensive Economic and Trade Agreement (CETA) कहा जाता है — 15 जुलाई 2026 से लागू होने जा रहा है। इस डील के तहत ब्रिटिश कारों पर आयात शुल्क 100% से घटकर सिर्फ 10% हो जाएगा। यानी प्रीमियम और सुपर-लग्जरी कारों की कीमतों में करोड़ों रुपये की कटौती संभव होगी।
क्या है यह समझौता?
17 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और UK के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने संयुक्त रूप से घोषणा की कि भारत-UK CETA 15 जुलाई से प्रभावी होगा। इसे UK के इतिहास में किसी ट्रेड डील पर हस्ताक्षर के बाद सबसे तेज लागू होने वाला समझौता बताया गया है। UK सरकार ने कारोबारियों को इसकी तैयारी के लिए 28 दिनों का समय दिया है।
PM मोदी ने इसे “भारत-UK संबंधों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर” बताया। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह भारत का अब तक का सबसे व्यापक ट्रेड एग्रीमेंट है, जो किसानों, श्रमिकों, MSMEs, स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स के लिए अनगिनत अवसर खोलेगा।
ऑटोमोबाइल सेक्टर पर क्या होगा असर?
यह समझौता भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आ रहा है। अभी तक UK से पूरी तरह बनी-बनाई (Completely Built Unit – CBU) गाड़ियां आयात करने पर भारत में 100-110% तक का आयात शुल्क लगता था, जिससे इन कारों की कीमतें आसमान छूती थीं। अब इस शुल्क को क्रमबद्ध तरीके से घटाया जाएगा

- पहले साल: बड़े इंजन (3000cc+ पेट्रोल, 2500cc+ डीजल) वाली कारों पर 30% शुल्क
- अगले 5 साल में: धीरे-धीरे घटाकर 10% तक लाया जाएगा
- कोटा सिस्टम: पहले साल 20,000 गाड़ियों का कोटा, जो 5 साल में 37,000 तक बढ़ेगा
- कोटे से बाहर की गाड़ियों पर अभी भी ऊंचा शुल्क लागू रहेगा (शुरुआत में 95%, 10 साल में 50%)
इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों पर क्या?
इस FTA में भारत के मास-मार्केट EV सेगमेंट की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण प्रावधान रखा गया है। 40,000 GBP (लगभग ₹46.69 लाख) से कम कीमत की EV और हाइब्रिड कारों पर पहले 5 साल तक कोई शुल्क कटौती नहीं होगी। 6वें साल से शुरू होकर, 4,400 इकाइयों तक के लिए 40-50% की दर से छूट मिलेगी। 15वें साल तक यह कोटा 22,000 यूनिट हो जाएगा और शुल्क 10% तक आ जाएगा।
भारत में बनी EVs — जैसे Suzuki e Vitara — के UK निर्यात पर 6वें साल से शून्य शुल्क मिलेगा।
कौन सी कारें होंगी सस्ती?
यह FTA मुख्यतः UK में हाथ से तैयार होने वाली (hand-built) और पूरी तरह आयातित ब्रिटिश लग्जरी कारों पर लागू होगा। इनमें शामिल हैं:
Jaguar Land Rover (JLR)
JLR ने पहले ही कदम उठाते हुए अपनी दो पूरी तरह आयातित SUVs — Range Rover SV और Range Rover Sport SV — की कीमतों में कटौती की घोषणा की है। Range Rover Sport SV Edition Two की कीमत में ₹40 लाख तक की कमी की गई है, जो मौजूदा ₹2.75 करोड़ (ex-showroom) से घटकर ₹2.35 करोड़ के करीब आ सकती है। Range Rover SV के टॉप वेरिएंट में भी ₹63-75 लाख तक की कटौती संभव है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि Range Rover, Range Rover Sport (स्टैंडर्ड), Evoque, Velar और Discovery Sport — जो भारत में ही असेंबल होती हैं — की कीमतें नहीं बदलेंगी। इसी तरह Defender, जो Slovakia में बनती है, UK FTA के दायरे से बाहर है।
Bentley, Rolls-Royce, Aston Martin और McLaren
ये सभी UK-आधारित CBU निर्यातक FTA के तहत शुल्क कटौती के लिए पात्र हैं। अभी तक किसी ने आधिकारिक कीमत कटौती का ऐलान नहीं किया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी राहत मिल सकती है।
उदाहरण के तौर पर — एक £1,00,000 की Bentley Continental GT, जो अभी भारत में करीब ₹2.5 करोड़ की पड़ती है, FTA के बाद ₹1.4 करोड़ के करीब आ सकती है। यह अब भी महंगी है, लेकिन भारत के तेजी से बढ़ते अल्ट्रा-अफ्लुएंट वर्ग की पहुंच में आ सकती है।
भारत-UK द्विपक्षीय व्यापार पर असर
यह FTA सिर्फ कारों तक सीमित नहीं है। इसके व्यापक प्रभाव इस प्रकार हैं:
- UK का GDP: £4.8 अरब की बढ़ोतरी का अनुमान
- वास्तविक वेतन वृद्धि: £2.2 अरब
- द्विपक्षीय व्यापार में उछाल: सालाना £25.5 अरब की बढ़ोतरी का लक्ष्य
- दोनों देशों का लक्ष्य: 2030 तक मौजूदा ~$60 अरब के द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना
- UK के 99% टैरिफ लाइनें उदार होंगी; भारत की 90% टैरिफ लाइनें घटेंगी या शून्य होंगी
अन्य प्रमुख उत्पादों पर असर:
- Scotch Whisky: भारत में शुल्क 150% से घटकर तुरंत 75%, और अगले 10 साल में 40% हो जाएगा
- Cosmetics: 22% तक के शुल्क तुरंत या 10 साल में खत्म होंगे
- UK भारत से आयातित कपड़े, जूते और खाद्य उत्पादों पर भी शुल्क घटाएगा
Double Contribution Convention (DCC) — प्रोफेशनल्स को फायदा
CETA के साथ ही Double Contribution Convention (DCC) भी 15 जुलाई से लागू होगी। इसके तहत UK में काम करने वाले भारतीय पेशेवर और भारत में काम करने वाले ब्रिटिश नागरिक — दोनों देशों में एक साथ सोशल सिक्योरिटी योगदान देने से बचेंगे। यह सुविधा 60 महीनों (5 साल) तक मिलेगी। यानी UK में काम करने वाले भारतीय अपने होम कंट्री सोशल सिक्योरिटी सिस्टम में योगदान जारी रख सकते हैं।
Steel का मुद्दा और समझौता
FTA लागू होने में एक बड़ी अड़चन UK की स्टील सेफगार्ड पॉलिसी थी। मार्च 2026 में UK ने घोषणा की थी कि वह ड्यूटी-फ्री स्टील आयात कोटा को 60% घटाएगा और कोटे से अधिक आयात पर 50% शुल्क लगाएगा। भारत ने इसे नॉन-टैरिफ बैरियर मानते हुए विरोध किया था और यहां तक कि Scotch Whisky पर मिली छूट वापस लेने की चेतावनी भी दी थी।
अंततः दोनों पक्षों ने समझौता किया — भारत के 85% स्टील निर्यात को एक मिश्रित व्यवस्था (Country-Specific Quota, Residual Quota और Authorised Use Scheme) के जरिए संरक्षित किया गया। इसी के बाद FTA को हरी झंडी मिली।
कोटे की सीमा — एक महत्वपूर्ण बात
जो लोग अभी से ब्रिटिश लग्जरी कार खरीदने का प्लान बना रहे हैं, उनके लिए एक जरूरी बात — इस FTA में सालाना कोटा सीमा है। पहले साल में 20,000 गाड़ियों को ही कम शुल्क पर आयात किया जा सकेगा। यह कोटा Bentley, Rolls-Royce, Aston Martin, McLaren, JLR — सभी ब्रिटिश ब्रांड्स के लिए मिलाकर है। इसलिए जैसे ही कोटा भरेगा, बाकी गाड़ियों पर ऊंचा शुल्क लगेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि जो ब्रांड इस अवसर का जल्दी और सही तरीके से फायदा उठाएंगे, वही असली विजेता बनेंगे। JLR ने तो पहले ही कदम बढ़ा दिया है — अब देखना होगा कि Bentley, McLaren और Rolls-Royce कब कीमतें घटाने का ऐलान करते हैं।
निष्कर्ष
भारत-UK CETA न केवल लग्जरी कार खरीदारों के लिए बल्कि दोनों देशों के व्यापारियों, पेशेवरों और उपभोक्ताओं के लिए एक ऐतिहासिक अवसर लेकर आ रहा है। 15 जुलाई 2026 से जब यह समझौता लागू होगा, तो भारतीय बाजार में ब्रिटिश लग्जरी कारें पहले से कहीं ज्यादा किफायती हो जाएंगी। हालांकि यह सस्तापन बजट कारों के लिए नहीं, बल्कि करोड़ों की रेंज वाली सुपर-प्रीमियम गाड़ियों के लिए है — जो करोड़ों रुपये कम होने के बाद भी आम आदमी की पहुंच से दूर रहेंगी।
फिर भी, भारत की तेजी से बढ़ती अमीर आबादी के लिए यह FTA एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
MORE READ:- Bareilly: संजयनगर हत्याकांड का मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद

