Gold और चांदी में बड़ी गिरावट, निवेशकों को लगा झटका
Gold हुआ 18 हजार सस्ता, चांदी में भी भारी क्रैश दर्ज
India में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ी गिरावट देखने को मिली है। 20 मई को जारी नए रेट के अनुसार Gold और चांदी दोनों के दामों में भारी कमी दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी IBJA के मुताबिक 10 ग्राम 24 कैरेट Gold का दाम 1,116 रुपए गिरकर 1.58 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं एक किलो चांदी की कीमत 3,761 रुपए कम होकर 2.65 लाख रुपए रह गई है। लगातार बदलते रेट्स ने निवेशकों और ज्वेलरी बाजार दोनों को प्रभावित किया है।
इस साल जनवरी में Gold और चांदी ने रिकॉर्ड स्तर छू लिया था। 29 जनवरी 2026 को 10 ग्राम Gold की कीमत 1.76 लाख रुपए तक पहुंच गई थी, जो अब करीब 18 हजार रुपए सस्ती हो चुकी है। वहीं चांदी ने भी 3.86 लाख रुपए प्रति किलो का ऑलटाइम हाई बनाया था। अब चांदी अपने उच्चतम स्तर से करीब 1.21 लाख रुपए नीचे आ चुकी है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार Gold में आई गिरावट की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां और निवेशकों की रणनीति में बदलाव है। आमतौर पर युद्ध या वैश्विक तनाव के समय लोग Gold को सुरक्षित निवेश मानते हैं, लेकिन इस बार स्थिति अलग दिखाई दे रही है। निवेशक इस समय नकदी यानी कैश को ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं।
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और अनिश्चितता के कारण कई बड़े निवेशकों ने Gold और सिल्वर बेचकर कैश इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। इससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई और कीमतों में गिरावट देखने को मिली। जानकारों का कहना है कि जनवरी में Gold के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद कई निवेशकों ने मुनाफावसूली भी शुरू कर दी थी।
31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम Gold की कीमत करीब 1.33 लाख रुपए थी। इसके बाद जनवरी में इसमें जबरदस्त तेजी आई और कीमत सीधे 1.76 लाख रुपए तक पहुंच गई। हालांकि अब पिछले कुछ हफ्तों में बाजार में लगातार गिरावट का ट्रेंड देखने को मिल रहा है।
चांदी में उतार-चढ़ाव और भी ज्यादा देखने को मिला। 31 दिसंबर 2025 को चांदी 2.30 लाख रुपए प्रति किलो थी। जनवरी के अंत तक इसकी कीमत बढ़कर 3.86 लाख रुपए तक पहुंच गई थी। लेकिन अब इसमें भारी गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार इंडस्ट्रियल डिमांड में कमी और निवेशकों की बिकवाली के कारण सिल्वर में दबाव बना हुआ है।
ज्वेलरी कारोबारियों का कहना है कि Gold की कीमतों में गिरावट से ग्राहकों की दिलचस्पी फिर बढ़ सकती है। शादी और त्योहारों के सीजन में लोग कम दामों पर खरीदारी करना पसंद करते हैं। हालांकि बाजार में अभी भी अस्थिरता बनी हुई है, इसलिए कीमतों में आगे भी बदलाव संभव है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार और डॉलर की स्थिति Gold की कीमतों को प्रभावित करेगी। अगर वैश्विक हालात और ज्यादा खराब होते हैं तो Gold में फिर तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं अगर निवेशक लगातार बिकवाली करते रहे तो कीमतों में और गिरावट भी संभव है।
ज्वेलर्स ने ग्राहकों को सलाह दी है कि Gold खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदें। इससे शुद्धता की गारंटी मिलती है। हॉलमार्क पर एक यूनिक अल्फान्यूमेरिक नंबर लिखा होता है, जिससे Gold की क्वालिटी की पहचान की जा सकती है।
इसके अलावा ग्राहकों को Gold खरीदने से पहले अलग-अलग स्रोतों से कीमत जरूर जांचनी चाहिए। IBJA जैसी विश्वसनीय वेबसाइट से रेट क्रॉस चेक करने की सलाह दी गई है। इससे ग्राहकों को सही कीमत पर खरीदारी करने में मदद मिलती है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि इस समय Gold और चांदी दोनों में निवेश करने वालों को सतर्क रहना चाहिए। तेजी और गिरावट का यह दौर अभी कुछ समय तक जारी रह सकता है। निवेशकों को बाजार की चाल समझकर ही बड़ा फैसला लेना चाहिए।
फिलहाल Gold और चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने आम ग्राहकों को राहत जरूर दी है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में बाजार में फिर तेजी लौटती है या कीमतों में और गिरावट देखने को मिलती है।
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