Share Market में गिरावट, Sensex 150 अंक टूटा, बैंकिंग शेयरों में बिकवाली
Rupee रिकॉर्ड निचले स्तर पर, Sensex-Nifty लाल निशान में कारोबार करते दिखे
BSE SENSEX और NIFTY 50 में बुधवार 20 मई को गिरावट देखने को मिली। शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही और शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों में बेचैनी दिखाई दी। सेंसेक्स करीब 150 अंकों की गिरावट के साथ 75,100 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जबकि निफ्टी भी लगभग 50 अंक टूटकर 23,600 के करीब पहुंच गया। Market में सबसे ज्यादा दबाव ऑटो, बैंकिंग और मेटल सेक्टर के शेयरों पर दिखाई दिया।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार ग्लोबल संकेत कमजोर रहने और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण Market में दबाव बना हुआ है। एशियाई बाजारों में भी गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। जापान, हांगकांग और चीन के बाजारों में कमजोरी के चलते घरेलू निवेशकों का सेंटीमेंट भी प्रभावित हुआ।
शुरुआती कारोबार में रुपए में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 33 पैसे टूटकर 96.89 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। पिछले कई कारोबारी सत्रों से रुपए में लगातार कमजोरी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि डॉलर की मजबूती और विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार निकासी की वजह से रुपए पर दबाव बना हुआ है।
Market में सबसे ज्यादा बिकवाली ऑटो सेक्टर में देखने को मिली। कई बड़ी ऑटो कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में भी कमजोरी बनी रही। निजी और सरकारी दोनों बैंकों के शेयरों में गिरावट देखी गई। मेटल कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव बना रहा, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में धातुओं की कीमतों में कमजोरी आई है।
हालांकि कुछ सेक्टर्स में हल्की खरीदारी भी देखने को मिली। आईटी और रियल्टी सेक्टर के कुछ शेयरों में निवेशकों ने रुचि दिखाई। Market विशेषज्ञों का कहना है कि टेक्नोलॉजी कंपनियों के अच्छे आउटलुक और रियल एस्टेट सेक्टर में मांग बढ़ने की उम्मीद के कारण इन सेक्टर्स को कुछ सपोर्ट मिला है।
इससे पहले 19 मई को भी शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था। मंगलवार को सेंसेक्स 114 अंक टूटकर 75,201 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 32 अंक की कमजोरी के साथ 23,618 पर बंद हुआ था। उस दिन भी बैंकिंग, एफएमसीजी और मेटल शेयरों में बिकवाली देखने को मिली थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल Market में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रह सकता है। ग्लोबल आर्थिक हालात, कच्चे तेल की कीमतें, डॉलर इंडेक्स और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगी। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर आने वाले फैसलों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है।
रुपए में लगातार गिरावट भी Market के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। कमजोर रुपया आयात लागत बढ़ा सकता है, जिससे कई कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है। खासतौर पर तेल आयात करने वाली कंपनियों और विदेशी कर्ज रखने वाली कंपनियों पर इसका दबाव बढ़ सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि छोटे निवेशकों को इस समय सतर्क रहने की जरूरत है। Market में तेजी से हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच जल्दबाजी में निवेश करने से बचने की सलाह दी जा रही है। निवेशकों को मजबूत कंपनियों और लंबी अवधि के निवेश पर फोकस करने की सलाह दी गई है।
बाजार में कमजोरी के बावजूद कुछ निवेशक इसे खरीदारी का अवसर भी मान रहे हैं। उनका मानना है कि अच्छी कंपनियों के शेयर गिरावट में सस्ते मिल रहे हैं, जिससे लंबी अवधि में फायदा हो सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल Market में अस्थिरता बनी रह सकती है।
आने वाले कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों की गतिविधि, डॉलर की चाल और ग्लोबल संकेत भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल निवेशकों की नजर बाजार के अगले रुख और रुपए की स्थिति पर बनी हुई है।
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