Umaria Updates : घोरछत्र नदी पुल पर खतरनाक दरारें, NH-43 पर हादसे का खतरा, लोगों में बढ़ी चिंता

Umaria Updates : उमरिया-नौरोजाबाद के बीच NH-43 पर स्थित घोरछत्र नदी पुल की हालत बेहद खराब हो गई है। पुल के एक्सपेंशन जॉइंट्स उखड़ चुके हैं और लोहे की प्लेटें बाहर आ गई हैं। स्थानीय लोगों ने हादसे की आशंका जताते हुए प्रशासन से तत्काल मरम्मत की मांग की है।
Umaria Updates : घोरछत्र नदी पुल पर उभरीं मौत की दरारें
खस्ताहाल पुल बना खतरे का संकेत
मध्यप्रदेश के उमरिया और नौरोजाबाद को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर स्थित घोरछत्र नदी का पुल इन दिनों गंभीर खतरे का संकेत दे रहा है। करोड़ों रुपए की लागत से बने इस पुल की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यहां से गुजरना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा बन गया है।
पुल के एक्सपेंशन जॉइंट्स पूरी तरह उखड़ चुके हैं और डामर की परत गायब हो गई है। इसके कारण लोहे की नुकीली प्लेटें बाहर निकल आई हैं, जो राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं।
पुल के बीच बना खतरनाक गैप

स्थानीय लोगों के अनुसार पुल के दो हिस्सों के बीच का गैप लगातार बढ़ता जा रहा है। यह गैप इतना चौड़ा हो गया है कि दोपहिया वाहनों के टायर आसानी से उसमें फंस सकते हैं।
यह मार्ग उमरिया, शहडोल और कटनी को जोड़ने वाला प्रमुख हाईवे है, जिस पर हर दिन हजारों वाहन गुजरते हैं। ऐसे में इस पुल की खराब हालत न सिर्फ स्थानीय लोगों बल्कि लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों के लिए भी चिंता का विषय बन गई है।
भारी वाहनों से बढ़ रहा खतरा

जब भारी वाहन इस पुल से गुजरते हैं, तो जॉइंट्स से तेज आवाज और झटके महसूस होते हैं। इससे न सिर्फ पुल की मजबूती पर सवाल उठते हैं, बल्कि यह भी संकेत मिलता है कि संरचना पर लगातार दबाव पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई, तो पुल की स्थिति और ज्यादा बिगड़ सकती है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है।
टोल वसूली जारी, रखरखाव नदारद
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा टोल तो नियमित रूप से वसूला जा रहा है, लेकिन पुल के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपए खर्च कर बनाए गए इस हाईवे की हालत देखकर साफ पता चलता है कि निर्माण में लापरवाही बरती गई है।
रात में सफर बनता है जानलेवा
दिन के समय तो किसी तरह पुल के गड्ढे और दरारें दिखाई दे जाती हैं, लेकिन रात में यह हिस्सा बेहद खतरनाक हो जाता है। यह पूरा इलाका एक तरह से ‘ब्लैक स्पॉट’ में बदल गया है।
स्थानीय निवासी देवेन्द्र यादव और मिथिलेश दाहिया के अनुसार, तेज रफ्तार वाहन जब इन लोहे की प्लेटों से टकराते हैं, तो टायर फटने या वाहन पलटने का खतरा बना रहता है। खासतौर पर बाइक सवारों के लिए यह मार्ग बेहद जोखिम भरा हो गया है।
जनप्रतिनिधियों ने भी उठाई आवाज
इस गंभीर समस्या को लेकर बांधवगढ़ क्षेत्र के विधायक द्वारा मुख्यमंत्री और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री Nitin Gadkari को कई बार ज्ञापन सौंपा जा चुका है।
इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल
पुल की जर्जर स्थिति को लेकर संबंधित विभाग और अधिकारियों को कई बार जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
निर्माण कंपनी और NHAI की इस अनदेखी के कारण यह हाईवे अब लोगों की जान का दुश्मन बनता जा रहा है।
कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
यदि समय रहते पुल के एक्सपेंशन जॉइंट्स की मरम्मत और कंक्रीटिंग नहीं की गई, तो यहां किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता। लगातार बढ़ते गैप और बाहर निकली लोहे की प्लेटें गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती हैं।
निष्कर्ष
घोरछत्र नदी का यह पुल न सिर्फ एक महत्वपूर्ण मार्ग है, बल्कि हजारों लोगों की दैनिक आवाजाही का मुख्य साधन भी है। ऐसे में इसकी अनदेखी करना सीधे तौर पर लोगों की जान को खतरे में डालने जैसा है।
प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को चाहिए कि वे इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए तुरंत मरम्मत कार्य शुरू करें, ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।

