Kasganj Updates : आंबेडकर शोभायात्रा पर पथराव, 38 पर केस दर्ज, 18 आरोपी हिरासत में लिए गए

Kasganj Updates : कासगंज के सहावर थाना क्षेत्र में आंबेडकर शोभायात्रा के दौरान पथराव की घटना में 38 लोगों पर केस दर्ज किया गया। पांच महिलाओं सहित 18 आरोपी हिरासत में लिए गए। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में हालात काबू में आए और बाद में शोभायात्रा दोबारा शुरू कराई गई।
Kasganj Updates : आंबेडकर शोभायात्रा पर पथराव, 38 लोगों पर मामला दर्ज
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के सहावर थाना क्षेत्र के चहका गुनार गांव में आंबेडकर जयंती के अवसर पर निकाली जा रही शोभायात्रा के दौरान अचानक तनाव फैल गया। मंगलवार शाम को जब शोभायात्रा अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ रही थी, तभी रास्ते में अवरोधक लगाकर दूसरे पक्ष के लोगों ने पथराव शुरू कर दिया।
इस अचानक हुई घटना से गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हालात इतने बिगड़ गए कि मौके पर मौजूद पुलिस को भी पथराव का सामना करना पड़ा।
पुलिसकर्मी घायल, कई वाहन क्षतिग्रस्त
पथराव करीब आधे घंटे तक रुक-रुक कर चलता रहा। इस दौरान एक पुलिस आरक्षी अश्वनी मलिक घायल हो गया। वहीं, गांव की गलियों में खड़े कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत अतिरिक्त फोर्स बुलाया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की।
डीएम-एसपी समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। डीएम प्रणय सिंह, एसपी ओमप्रकाश सिंह, एएसपी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे।
करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति को काबू में किया जा सका। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच महिलाओं समेत 18 आरोपियों को हिरासत में लिया, जबकि कुल 38 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
अवरोधक लगाकर रोकी गई थी शोभायात्रा

जानकारी के अनुसार, शोभायात्रा को रोकने के लिए पहले से ही सुनियोजित तरीके से रास्ते में ट्रैक्टर, ट्रॉली, बुग्गी और अन्य वाहन खड़े कर दिए गए थे। इतना ही नहीं, छतों पर पहले से ईंट-पत्थर जमा कर लिए गए थे, जिन्हें बाद में शोभायात्रा पर फेंका गया।
यह पूरा घटनाक्रम पूर्व नियोजित बताया जा रहा है, जिससे माहौल को जानबूझकर बिगाड़ने की कोशिश की गई।
पुलिस कार्रवाई के बाद दोबारा निकाली गई शोभायात्रा
स्थिति सामान्य होने के बाद प्रशासन ने रास्तों से अवरोधक हटवाए। इसके बाद डीएम और एसपी की मौजूदगी में शाम करीब 7 बजे दोबारा शोभायात्रा शुरू कराई गई।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शोभायात्रा को गांव में शांतिपूर्वक पूरा कराया गया।
पहले भी हो चुका है विवाद
स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 30 साल पहले भी इसी शोभायात्रा को लेकर विवाद हुआ था। उस समय शोभायात्रा को निकलने नहीं दिया गया था और कुछ वर्षों तक इसे बंद रखना पड़ा था।
हालांकि पिछले कई वर्षों से प्रशासन की अनुमति के बाद यह शोभायात्रा पारंपरिक रूप से निकाली जा रही थी, लेकिन इस बार फिर विवाद सामने आ गया।
पुलिस की कड़ी निगरानी जारी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्थिति में कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
कासगंज की यह घटना एक बार फिर सामाजिक और धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को दर्शाती है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से हालात पर काबू पाया गया, लेकिन इस तरह की घटनाएं सामाजिक सौहार्द के लिए चुनौती बनी रहती हैं।

