Pushkar Updates : पुष्कर माहेश्वरी धर्मशाला कार्यक्रम में मारपीट, दो गुटों में विवाद, पुलिस ने संभाला हालात

Pushkar Updates : अजमेर के पुष्कर में माहेश्वरी समाज के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान दो गुटों में जमकर मारपीट हो गई। कृष्ण भवन के उद्घाटन के बीच विवाद बढ़कर हिंसा में बदल गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में किया, कई लोग घायल होने की जानकारी सामने आई।
Pushkar Updates : पुष्कर में माहेश्वरी समाज का कार्यक्रम बना रणभूमि
राजस्थान के Pushkar में माहेश्वरी समाज का एक धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रम अचानक हिंसा में बदल गया। अजमेर जिले के पुष्कर स्थित माहेश्वरी धर्मशाला में नव निर्मित ‘कृष्ण भवन’ के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान समाज के दो गुटों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि पूरा परिसर रणभूमि में तब्दील हो गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे, लेकिन देखते ही देखते माहौल बिगड़ गया और धक्का-मुक्की मारपीट में बदल गई।
मुख्य अतिथि की मौजूदगी में हुआ विवाद
इस कार्यक्रम में Govind Dev Giri Maharaj मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। उनके साथ मंच पर निवर्तमान सभापति कमल पाठक का भी सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन धर्मशाला अध्यक्ष रामकुमार भूतड़ा के नेतृत्व में किया जा रहा था। हालांकि, इसी दौरान समाज के एक अन्य गुट ने कार्यक्रम का विरोध शुरू कर दिया।
बिरला गुट ने जताया विरोध
विरोध कर रहे गुट का नेतृत्व पूर्व अध्यक्ष श्याम सुंदर बिरला कर रहे थे। उनका आरोप था कि रामकुमार भूतड़ा जबरन अध्यक्ष पद पर बने हुए हैं और उन्हें इस कार्यक्रम का संचालन करने का अधिकार नहीं है।
बिरला गुट के सैकड़ों समर्थक कृष्ण भवन के बाहर धरने पर बैठ गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। उनका कहना था कि लोकार्पण तो मुख्य अतिथि करेंगे, लेकिन रामकुमार भूतड़ा की भूमिका स्वीकार्य नहीं है।
पुलिस की मौजूदगी में कराया गया लोकार्पण
स्थिति को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन को मौके पर तैनात किया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की और किसी तरह कार्यक्रम के बीच ही कृष्ण भवन का लोकार्पण संपन्न कराया गया।
हालांकि, यह शांति ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी।
धक्का-मुक्की से शुरू हुई मारपीट
लोकार्पण के कुछ समय बाद ही दोनों गुटों के लोग आमने-सामने आ गए। पहले बहस और धक्का-मुक्की हुई, लेकिन जल्द ही यह लात-घूंसों की मारपीट में बदल गई।
करीब आधे घंटे तक दोनों पक्षों के बीच जमकर झड़प हुई। मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग इधर-उधर भागने लगे।
बाहरी लोगों को बुलाने के आरोप
कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि विरोध को दबाने के लिए बाहरी लोगों को बुलाया गया था, जिन्होंने मारपीट में हिस्सा लिया। इससे विवाद और अधिक बढ़ गया।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन इससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस ने सख्ती दिखाकर हालात संभाले
जब स्थिति बेकाबू हो गई, तब पुलिस को सख्ती दिखानी पड़ी। पुलिस ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया और हालात को नियंत्रित किया।
घटना के दौरान कुछ लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है, हालांकि आधिकारिक तौर पर संख्या स्पष्ट नहीं की गई है।
दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे
घटना के बाद धर्मशाला अध्यक्ष रामकुमार भूतड़ा ने मारपीट की घटना से अनभिज्ञता जताई। वहीं, बिरला गुट के सदस्य मुरलीधर ने दावा किया कि उन्हें मारपीट में सिर पर चोट लगी है।
उन्होंने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है और दोषियों के खिलाफ केस दर्ज करने की चेतावनी दी है।
समाज में बढ़ा तनाव, प्रशासन अलर्ट
इस घटना के बाद माहेश्वरी समाज के भीतर तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
पुष्कर जैसे धार्मिक स्थल पर इस तरह की घटना समाज के लिए चिंता का विषय है। एक धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम का हिंसा में बदल जाना दर्शाता है कि आंतरिक विवाद किस तरह गंभीर रूप ले सकते हैं।
जरूरत है कि समाज के लोग आपसी संवाद और समझदारी से विवादों को सुलझाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

