NEET Paper Leak मामले में CBI का बड़ा खुलासा, 5 राज्यों में बिका था पेपर
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG को लेकर चल रही जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी की जांच में सामने आया है कि NEET Paper Leak का नेटवर्क पांच राज्यों तक फैला हुआ था। इसमें सबसे ज्यादा पेपर महाराष्ट्र में बेचे गए, जबकि राजस्थान दूसरे स्थान पर रहा। जांच अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस की जांच के बाद कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।

CBI अधिकारियों का कहना है कि NEET Paper Leak मामले में आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। एजेंसी को शक है कि पेपर बेचने का यह नेटवर्क पहले की तुलना में कहीं ज्यादा बड़ा था। जांच में सामने आया है कि कुछ लोगों ने खुद पेपर खरीदने के बाद उसे आगे दूसरे छात्रों और अभिभावकों तक बेच दिया। यही वजह है कि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि आखिर कितने छात्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचा था।
जांच एजेंसी को महाराष्ट्र और राजस्थान में प्रश्नपत्र के प्रिंट निकालकर बेचने के सबूत मिले हैं। शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि महाराष्ट्र इस पूरे नेटवर्क का मुख्य केंद्र था। यहीं से कथित ‘Question Bank’ राजस्थान और अन्य राज्यों के छात्रों तक पहुंचाया गया। NEET Paper Leak को लेकर CBI अब हर उस व्यक्ति की भूमिका की जांच कर रही है, जिसने किसी भी स्तर पर इस रैकेट में मदद की।
सूत्रों के अनुसार एजेंसी अब केवल पेपर लीक करने वाले मास्टरमाइंड और बिचौलियों पर ही नहीं, बल्कि भारी रकम देकर पेपर खरीदने वाले रसूखदार अभिभावकों पर भी फोकस कर रही है। CBI उन बैंक खातों की जांच कर रही है, जिनसे शिवराज मोटेगांवकर, पी.वी. कुलकर्णी और उनकी सहयोगी मनीषा वाघमारे के खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए थे। माना जा रहा है कि NEET Paper Leak में करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ।
CBI ने इस मामले में कई अहम आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि एजेंसी का मानना है कि अभी भी कुछ बड़े चेहरे जांच के दायरे से बाहर हैं। इनमें NTA से जुड़े कुछ संदिग्ध लोग और बाहरी नेटवर्क से जुड़े व्यक्ति शामिल हो सकते हैं। एजेंसी की दो विशेष टीमें लगातार सबूत जुटाने में लगी हुई हैं। वहीं तीन अन्य टीमें उन छात्रों और परिजनों तक पहुंचने की तैयारी कर रही हैं जिन्होंने कथित तौर पर पैसे देकर पेपर खरीदा था।

20 मई की रात महाराष्ट्र में पहली बड़ी कार्रवाई की गई। इसके बाद अब राजस्थान समेत अन्य राज्यों में भी छापेमारी की तैयारी चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि NEET Paper Leak मामले में जल्द ही कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। एजेंसी को उम्मीद है कि आगे की पूछताछ में यह पता चल सकेगा कि पेपर किन-किन छात्रों तक पहुंचा और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे।
गौरतलब है कि NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में करीब 23 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। NTA के मुताबिक 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। जांच के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया।
इस पूरे मामले ने देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों को झकझोर कर रख दिया है। कई छात्रों ने सालों मेहनत करके परीक्षा की तैयारी की थी, लेकिन NEET Paper Leak की वजह से उनकी मेहनत पर सवाल खड़े हो गए। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर लगातार गुस्सा देखने को मिल रहा है। छात्र संगठन परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सख्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों से देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। अगर समय रहते NEET Paper Leak जैसे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं पर छात्रों का भरोसा कमजोर हो सकता है। यही कारण है कि अब केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर निष्पक्ष कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा है।
CBI की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई नए खुलासे हो सकते हैं। एजेंसी लगातार डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल्स की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि NEET Paper Leak से जुड़ा यह नेटवर्क देश के कई हिस्सों में सक्रिय था और इसमें कई प्रभावशाली लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
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