
बस्ती। अमर शहीद सत्यवान सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से कराए गए निर्माण कार्यों में गंभीर गड़बड़ियों और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। प्रारंभिक जांच में करीब 5 करोड़ रुपये तक के घोटाले की आशंका जताई जा रही है।
स्टेडियम में हॉस्टल, बैडमिंटन हॉल और अन्य जीर्णोद्धार कार्य प्रस्तावित थे, लेकिन आरोप है कि कई कार्य अधूरे रहने के बावजूद उन्हें पूरा दिखाकर हैंडओवर कर दिया गया। यह निर्माण कार्य यूपीआरएनएसएस (UPRNSS) के माध्यम से कराया गया था।
जानकारी के अनुसार, निर्माण एजेंसी द्वारा कार्य पूर्ण किए बिना ही विभागीय औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं, जिससे गुणवत्ता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
19 कार्यों की सूची में कई अधूरे काम
जीर्णोद्धार के लिए करीब 4.07 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे और कुल 19 कार्यों की सूची तैयार की गई थी। इसमें मल्टीपरपज हॉल, पवेलियन, डॉर्मिट्री, स्टोर रूम, बाउंड्रीवाल, खेल कोर्ट और लाइटिंग जैसे कार्य शामिल थे।
आरोप है कि इनमें से कई कार्य या तो अधूरे हैं या फिर बिना कराए ही उनका भुगतान कर दिया गया। विशेष रूप से स्टोर रूम और डॉर्मिट्री निर्माण को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
टीवी और कबाड़ पर भी गड़बड़ी के आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि खिलाड़ियों के लिए निर्धारित करीब 2 लाख रुपये की टीवी स्टेडियम परिसर में नहीं लगाई गई, जबकि उसका भुगतान पहले ही किया जा चुका है। इसके अलावा जीर्णोद्धार के दौरान निकला कबाड़ भी बिना नीलामी के गायब होने का आरोप है।
जांच शुरू, रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी
मामला सामने आने के बाद खेल निदेशालय ने जांच के आदेश दिए हैं, जिसकी जिम्मेदारी उप निदेशक मुद्रिका पाठक को सौंपी गई है। जांच अधिकारी ने बस्ती पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया और पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजने की बात कही है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि लगभग 7 लाख रुपये के कार्यों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके साथ ही मजदूरों के करीब 50 हजार रुपये के भुगतान न होने का भी मामला उजागर हुआ है।
जांच में कई गंभीर तथ्य उजागर
जांच अधिकारी के अनुसार, कई कार्यों का मौके पर भौतिक सत्यापन नहीं हो सका, जिससे वित्तीय अनियमितताओं की आशंका और गहरी हो गई है।

