Bareilly: एल्गो ट्रेडिंग के नाम पर 49 लाख की साइबर ठगी, मास्टरमाइंड गिरफ्तार
Bareilly। साइबर क्राइम थाना Bareilly पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। शेयर मार्केट में एल्गो ट्रेडिंग के नाम पर करीब 49 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जाने वाले लैपटॉप, मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड, चेकबुक और बड़ी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं। मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म संचालित कर लोगों को निवेश के नाम पर ठगी का शिकार बनाता था।

जानकारी के अनुसार, रॉयल पार्क डेंटल कॉलेज निवासी आलोक दूबे ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें शेयर बाजार में एल्गो ट्रेडिंग के माध्यम से भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। ठगों ने व्हाट्सएप के जरिए एक लिंक भेजकर उन्हें एक कथित एसएमसी ब्रोकिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया। ऐप डाउनलोड करने के बाद केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराकर उनका निवेश खाता खुलवाया गया। इसके बाद 16 जनवरी से 30 अप्रैल के बीच अलग-अलग 20 ट्रांजैक्शन के माध्यम से उनसे कुल 49 लाख 43 हजार रुपये जमा करा लिए गए।
पीड़ित ने बताया कि शुरुआत में उन्हें निवेश पर बेहतर रिटर्न का भरोसा दिलाया गया था। बाद में ठगों ने मुनाफा जारी करने के नाम पर 15 प्रतिशत कमीशन और 18 प्रतिशत जीएसटी जमा करने की भी मांग की। पीड़ित ने विश्वास में आकर वह रकम भी जमा कर दी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कोई लाभ नहीं मिला। जब उन्होंने अपनी जमा राशि और मुनाफे की मांग की तो आरोपियों ने ऑडिट, सर्वर अपडेट और तकनीकी समस्याओं का बहाना बनाकर उन्हें लगातार टालना शुरू कर दिया।
काफी समय तक रकम वापस न मिलने पर आलोक दूबे को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना Bareilly में मुकदमा दर्ज किया गया और मामले की जांच शुरू की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक अपराध के निर्देशन में गठित टीम ने कार्रवाई करते हुए ठगी से संबंधित करीब 31 लाख रुपये की धनराशि विभिन्न खातों में होल्ड भी करा दी।
विवेचना के दौरान पुलिस को गिरोह के मुख्य आरोपी सचिन कुमार पुत्र स्वर्गीय रामबीर सिंह निवासी विश्वनाथ एन्क्लेव, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून के संबंध में महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए। इसके बाद साइबर क्राइम थाना की टीम ने 12 जून को रेलवे स्टेशन रोड के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने कई अहम खुलासे किए। जांच में सामने आया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट और मोबाइल एप तैयार करता था। इन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से लोगों को शेयर बाजार में निवेश पर अधिक लाभ का झांसा दिया जाता था। जब निवेशकों की बड़ी रकम जमा हो जाती थी तो उनकी आईडी निष्क्रिय कर दी जाती थी और उनसे संपर्क तोड़ लिया जाता था। पुलिस के अनुसार, ठगी से हासिल रकम को विभिन्न बैंक खातों के जरिए घुमाकर क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित किया जाता था और बाद में हवाला नेटवर्क के माध्यम से आगे भेज दिया जाता था।
जांच के दौरान यह भी पता चला है कि आरोपी के खिलाफ तेलंगाना और कर्नाटक में भी साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। आरोपी के विरुद्ध दर्ज मुकदमे में अतिरिक्त धाराएं बढ़ा दी गई हैं और उसे न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

