कासगंज में चार दिन से लापता मासूम का शव मक्का के खेत में मिला, हत्या की आशंका से गांव में सनसनी
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। गंजडुंडवारा थाना क्षेत्र के बहारपुर गांव में चार दिन से लापता चार वर्षीय मासूम बच्ची का शव मंगलवार सुबह एक मक्का के खेत में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है, जबकि परिजन बच्ची की हत्या कर शव खेत में फेंके जाने की आशंका जता रहे हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और पोस्टमार्टम पांच सदस्यीय चिकित्सकीय पैनल की निगरानी में कराने का फैसला लिया है।

जानकारी के मुताबिक बहारपुर गांव निवासी राहुल की चार वर्षीय पुत्री आरोही शनिवार शाम अपने घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई। काफी देर तक परिजनों ने आसपास तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिवार ने गंजडुंडवारा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस और ग्रामीण लगातार बच्ची की तलाश में जुटे रहे, लेकिन चार दिनों तक उसका कोई पता नहीं चल सका।
मंगलवार सुबह गांव के निकट स्थित एक मक्का के खेत में बच्ची का शव पड़े होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। पुलिस टीम ने तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पोस्टमार्टम पांच डॉक्टरों के पैनल द्वारा कराया जाएगा ताकि मौत के कारणों का स्पष्ट और निष्पक्ष पता लगाया जा सके।

घटना के बाद परिजनों ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं। परिवार का आरोप है कि सोमवार शाम गांव के प्रधान प्रतिनिधि कमलेश उनके घर आए थे और उन्होंने ऐसी बातें कहीं थीं, जिससे परिवार को संदेह हुआ। परिजनों का कहना है कि प्रधान प्रतिनिधि ने बच्ची के जिंदा मिलने या अगले दिन उसका शव मिलने जैसी बात कही थी। अब बच्ची का शव मिलने के बाद परिवार इस बयान को लेकर संदेह जता रहा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
मृतक बच्ची के ताऊ आकाश कुमार ने बताया कि परिवार पिछले चार दिनों से लगातार बच्ची की तलाश में लगा हुआ था। उन्होंने कहा कि जिस तरह की बातें प्रधान प्रतिनिधि द्वारा कही गई थीं, उससे परिवार को शक पैदा हुआ है। उनका कहना है कि पुलिस को हर पहलू की गहराई से जांच करनी चाहिए और जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। परिवार ने जल्द गिरफ्तारी और न्याय की मांग की है।
वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता और निष्पक्षता के साथ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना किसी ठोस साक्ष्य के किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जाएगा। घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कासगंज के पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने बताया कि बच्ची का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पांच सदस्यीय चिकित्सकीय पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और सभी संभावित पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
फिलहाल इस हृदयविदारक घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों और परिजनों की मांग है कि मामले का जल्द खुलासा किया जाए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि मासूम आरोही को न्याय मिल सके।

