बरेली में “लल्ला गैंग” बनकर मांगी 20 लाख की फिरौती, बरेली POLICE का बड़ा एक्शन 2 आरोपी गिरफ्तार
फोन पर धमकी देकर वसूली की साजिश नाकाम, तमंचे और कारतूस बरामद
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में थाना कैंट POLICE ने फोन पर धमकी देकर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। POLICE ने आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचे, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जबकि इस मामले में शामिल एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह मामला किसी बड़े गैंग से जुड़ा नहीं बल्कि आपसी रंजिश का निकला है।

जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई एसपी सिटी के निर्देशन में थाना कैंट POLICE द्वारा की गई। मामले में मुकदमा संख्या 226/26 धारा 352, 351(4) और 308(4) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया था। पीड़ित पक्ष ने पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को “लल्ला गैंग” का सदस्य बताया और जान से मारने की धमकी देते हुए 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी। आरोपी लगातार फोन कर परिवार को डराने और दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे, जिसके बाद पीड़ित ने थाना कैंट में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कैंट POLICE ने तत्काल जांच शुरू की। POLICE टीम ने मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल, लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान POLICE को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके बाद 14 मई को चौबारी मोड़ के पास से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वैभव सिंह निवासी ग्राम उछौलिया थाना फतेहगंज पूर्वी और आकाश निवासी नई कॉलोनी फतेहगंज पूर्वी के रूप में हुई है। वहीं तीसरा आरोपी अकरम निवासी लोधीखेड़ा थाना कटरा जिला शाहजहांपुर POLICE को चकमा देकर फरार हो गया। POLICE उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने जो खुलासा किया वह काफी चौंकाने वाला था। आरोपियों ने बताया कि गांव की एक युवती की शादी वादी के पुत्र से हो गई थी, जिससे वे नाराज थे। इसी रंजिश के चलते उन्होंने वादी और उसके परिवार को डराने की योजना बनाई। आरोपियों ने अपने साथी अकरम के साथ मिलकर फर्जी सिम कार्ड की व्यवस्था की और “लल्ला गैंग” के नाम से फोन कर धमकी देना शुरू कर दिया। उनका मकसद परिवार में भय पैदा कर फिरौती वसूलना था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जांच में अब तक “लल्ला गैंग” नाम के किसी सक्रिय आपराधिक गिरोह के प्रमाण नहीं मिले हैं। आरोपियों ने केवल लोगों में दहशत फैलाने के लिए गैंग का नाम इस्तेमाल किया था। पुलिस का कहना है कि कई बार अपराधी फर्जी गैंग के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को डराने की कोशिश करते हैं ताकि सामने वाला भयभीत होकर पैसे दे दे।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक .315 बोर तमंचा, एक .32 बोर तमंचा, दो जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद किया। बरामद मोबाइल फोन को जांच के लिए भेजा गया है ताकि कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूत जुटाए जा सकें। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने फर्जी सिम कार्ड कहां से प्राप्त किए थे और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब उनके पुराने आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि आरोपियों का आपराधिक नेटवर्क स्थानीय स्तर पर सक्रिय हो सकता है और आगे की पूछताछ में अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है।
एसपी सिटी ने बताया कि जिले में अपराध और रंगदारी जैसी घटनाओं पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। किसी भी व्यक्ति द्वारा फोन पर धमकी देकर पैसे मांगने या गैंग के नाम पर दहशत फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी को इस तरह की धमकी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचना दें और डरने की बजाय कानून का सहारा लें।
इस पूरी कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार धीर, उपनिरीक्षक अंकुर शुक्ला सहित थाना कैंट पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम की सतर्कता और तकनीकी जांच के चलते मामले का जल्द खुलासा हो सका। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी अकरम की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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