शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 1700 अंक और निफ्टी 450 अंक चढ़ा, ईरान-अमेरिका डील की खबरों से बढ़ा निवेशकों का भरोसा
मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 12 जून को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स करीब 1700 अंकों की छलांग लगाकर 75,500 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी भी 450 अंकों की बढ़त के साथ 23,600 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में इस मजबूत तेजी के पीछे वैश्विक स्तर पर आई सकारात्मक खबरों को प्रमुख कारण माना जा रहा है। खासतौर पर ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते को लेकर सामने आई रिपोर्ट्स ने निवेशकों के सेंटीमेंट को मजबूत किया है।
शुक्रवार सुबह बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की थी। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स लगभग 1000 अंकों की बढ़त के साथ खुला, जबकि निफ्टी में भी करीब 300 अंकों की तेजी दर्ज की गई। जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, निवेशकों की खरीदारी बढ़ती गई और प्रमुख सूचकांकों ने और ऊंचाई हासिल कर ली।

आज के कारोबार में रियल्टी, प्राइवेट बैंक, सरकारी बैंक और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर के शेयरों में सबसे अधिक खरीदारी देखने को मिली। बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के शेयरों में निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया, जिससे बाजार की तेजी को और मजबूती मिली। कई प्रमुख बैंकिंग शेयरों में 2 से 5 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों का उत्साह देखने को मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कमी की उम्मीद है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने एक नई समझौता योजना को मंजूरी दे दी है। इस प्रस्तावित डील के तहत ईरान भविष्य में परमाणु हथियार नहीं रखेगा और समझौता लागू होते ही दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल दिया जाएगा।
हालांकि ईरान की ओर से इस दावे की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन ट्रम्प के बयान के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में सकारात्मक माहौल बन गया। निवेशकों को उम्मीद है कि यदि यह समझौता सफल होता है तो पश्चिम एशिया में तनाव कम होगा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ने वाला दबाव घटेगा। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ेगा।
भारत जैसे ऊर्जा आयातक देशों के लिए होर्मुज स्ट्रेट का खुला रहना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और गैस इसी मार्ग से होकर गुजरता है। यदि इस क्षेत्र में स्थिरता आती है तो ऊर्जा लागत कम हो सकती है, जिसका फायदा भारतीय अर्थव्यवस्था और कॉर्पोरेट सेक्टर दोनों को मिलेगा। यही वजह है कि निवेशकों ने बाजार में खरीदारी बढ़ा दी।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक संकेतों के अलावा घरेलू आर्थिक आंकड़े भी बाजार को समर्थन दे रहे हैं। विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी और मजबूत कॉर्पोरेट प्रदर्शन ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इसके चलते बाजार में सकारात्मक रुझान बना हुआ है।
हालांकि विशेषज्ञ निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह भी दे रहे हैं। उनका कहना है कि ईरान-अमेरिका समझौते को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। यदि स्थिति में कोई बदलाव आता है तो बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल निवेशकों का फोकस वैश्विक घटनाक्रम और आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर बना हुआ है। शुक्रवार का कारोबार यह संकेत देता है कि सकारात्मक वैश्विक माहौल मिलने पर भारतीय शेयर बाजार तेजी से नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है।

