मैगी में कीड़े मिलने की शिकायत पर FSSAI सख्त, नेस्ले समेत कई कंपनियों को जारी किया कारण बताओ नोटिस
नई दिल्ली। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सोशल मीडिया पर सामने आई खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और स्वच्छता संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कई बड़ी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। रेगुलेटर ने नेस्ले इंडिया सहित कई कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सबसे प्रमुख मामला देश के लोकप्रिय इंस्टेंट नूडल्स ब्रांड मैगी से जुड़ा है, जिसमें एक उपभोक्ता ने पैकेट के अंदर कीड़े (लार्वा) मिलने की शिकायत की थी।

FSSAI के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल हुई शिकायतों की जांच के बाद नेस्ले इंडिया को नोटिस जारी किया गया है। प्राधिकरण ने कंपनी से पूरे मामले पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है और साथ ही तत्काल एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। FSSAI यह जानना चाहता है कि शिकायत मिलने के बाद कंपनी ने क्या कदम उठाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन-कौन से उपाय किए जा रहे हैं।
मैगी देश के सबसे लोकप्रिय खाद्य उत्पादों में से एक है और करोड़ों लोग इसका नियमित रूप से सेवन करते हैं। ऐसे में उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों ने उपभोक्ताओं के बीच चिंता पैदा कर दी है। हालांकि अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है और यह स्पष्ट नहीं है कि शिकायत में कितनी सच्चाई है, लेकिन खाद्य सुरक्षा नियामक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।
केवल नेस्ले ही नहीं, बल्कि FSSAI ने अन्य कंपनियों के खिलाफ भी कदम उठाए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुई साफ-सफाई और हाइजीन संबंधी शिकायतों के आधार पर फास्ट-फूड चेन KFC को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नियामक ने कंपनी से अपने आउटलेट्स में स्वच्छता मानकों और खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन के बारे में जानकारी मांगी है। FSSAI का कहना है कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों की जिम्मेदारी है।
इसके अलावा एक अन्य मामले में खजूर से जुड़े खाद्य उत्पाद में कीड़े मिलने की शिकायत पर भी कार्रवाई की गई है। इस मामले में ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट इंडिया और संबंधित खाद्य ब्रांड ओपन सीक्रेट को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। शिकायत के अनुसार उपभोक्ता को खरीदे गए उत्पाद में कीड़े मिले थे, जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
FSSAI ने कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अब उपभोक्ता शिकायतों का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गए हैं। ऐसे मामलों में यदि कोई शिकायत व्यापक रूप से सामने आती है तो नियामक उसकी जांच करता है और जरूरत पड़ने पर संबंधित कंपनियों से जवाब मांगता है। प्राधिकरण का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि देश में बिकने वाले खाद्य उत्पाद निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें।
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की शिकायतें कंपनियों के लिए चेतावनी का काम करती हैं। बड़े ब्रांड होने के बावजूद यदि गुणवत्ता नियंत्रण में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो उसका असर सीधे उपभोक्ताओं के विश्वास पर पड़ता है। इसलिए कंपनियों को उत्पादन, पैकेजिंग, भंडारण और वितरण की पूरी प्रक्रिया में उच्चतम गुणवत्ता मानकों का पालन करना चाहिए।
फिलहाल सभी संबंधित कंपनियों से जवाब मांगा गया है और FSSAI उनकी रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण के मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। उपभोक्ता भी अब खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर पहले से अधिक जागरूक नजर आ रहे हैं।

