यमुना जल समझौता शेखावाटी: फ्लोराइड युक्त पानी से मिलेगी राहत, CM भजनलाल बोले- अभावों से लड़कर बनाई पहचान

जयपुर: यमुना जल समझौता शेखावाटी क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक पहल के रूप में सामने आया है। वर्षों से फ्लोराइड युक्त पेयजल की समस्या से जूझ रहे सीकर, झुंझुनूं और चूरू सहित पूरे शेखावाटी अंचल के लोगों को अब राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का जयपुर के बिड़ला सभागार में शेखावाटी फाउंडेशन द्वारा नागरिक अभिनंदन किया गया, जहां उन्होंने कहा कि शेखावाटी ने कठिन परिस्थितियों और अभावों के बावजूद देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से लंबित यमुना जल समझौता शेखावाटी क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इस परियोजना से न केवल सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा बल्कि कृषि, उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।
यमुना जल समझौता शेखावाटी से फ्लोराइड समस्या होगी दूर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि शेखावाटी लंबे समय से फ्लोराइड युक्त पानी की समस्या से प्रभावित रहा है। इस कारण लाखों लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि यमुना जल परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे लोगों को फ्लोराइड की समस्या से राहत मिलेगी। यह परियोजना भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी।
शेखावाटी की संघर्ष गाथा का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि शेखावाटी केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं बल्कि वीरता, अध्यात्म और संस्कृति की पहचान है।
उन्होंने कहा कि यहां के लोगों ने कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत के बल पर देश-विदेश में अपनी अलग पहचान बनाई। व्यापार, शिक्षा और उद्योग के क्षेत्र में शेखावाटी के लोगों का योगदान उल्लेखनीय रहा है।
समारोह में हुआ प्रतीकात्मक जल समर्पण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के माथे पर पारंपरिक कलश रखा गया और प्रतीकात्मक रूप से यमुना का जल शेखावाटी के कलश में डाला गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, उद्योगपति, शिक्षाविद, किसान, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और युवा मौजूद रहे।
कांग्रेस पर साधा राजनीतिक निशाना
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कई वर्षों तक केंद्र, हरियाणा और राजस्थान में कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन शेखावाटी को यमुना जल उपलब्ध कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेताओं ने इस समझौते का विरोध किया था, जबकि वर्तमान सरकार ने इसे आगे बढ़ाकर क्षेत्र के लोगों की वर्षों पुरानी मांग पूरी की है।
शेखावाटी की बदलेगी तस्वीर और तकदीर
शेखावाटी फाउंडेशन के अध्यक्ष विनोद गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यमुना जल समझौता शेखावाटी को नई गति मिली है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से—
- पेयजल संकट में कमी आएगी।
- सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा।
- कृषि उत्पादन बढ़ेगा।
- उद्योग और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
- युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
पाइपलाइन से पहुंचेगा पानी, किसानों की जमीन सुरक्षित रहेगी
नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि परियोजना के तहत पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि किसानों की भूमि का स्थायी अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। केवल पाइपलाइन बिछाने के दौरान सीमित अवधि के लिए कार्य होगा और आवश्यकता पड़ने पर फसलों का मुआवजा दिया जाएगा। कार्य पूरा होने के बाद किसान अपनी जमीन का सामान्य उपयोग कर सकेंगे।
शेखावाटी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यमुना जल समझौता?
1. फ्लोराइड युक्त पानी से राहत
क्षेत्र के लाखों लोगों को सुरक्षित पेयजल मिलेगा।
2. कृषि को मिलेगा लाभ
सिंचाई के बेहतर साधन उपलब्ध होंगे।
3. उद्योग और निवेश
पानी उपलब्ध होने से औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
4. रोजगार के अवसर
नई परियोजनाओं और निवेश से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।
5. भविष्य की जल सुरक्षा
बढ़ती आबादी के लिए दीर्घकालिक जल प्रबंधन सुनिश्चित होगा।
सरकार का दावा
राज्य सरकार का कहना है कि यमुना जल समझौता शेखावाटी केवल पेयजल परियोजना नहीं बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास का आधार बनेगा। सरकार का उद्देश्य आने वाले वर्षों में शेखावाटी को जल संकट से मुक्त कर आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा देना है।

