जयपुर प्रॉपर्टी कारोबारी किडनैपिंग का पूरा मामला
जयपुर प्रॉपर्टी कारोबारी किडनैपिंग मामले ने राजधानी में सनसनी फैला दी। झोटवाड़ा थाना क्षेत्र में एक प्रॉपर्टी कारोबारी को कथित तौर पर अगवा कर उसके परिवार से 2 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई। पुलिस के मुताबिक, इस पूरी साजिश में कारोबारी की पूर्व किराएदार महिला की भूमिका सामने आई है।
पुलिस ने मामले में गैंग के कथित मास्टरमाइंड सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, पूर्व किराएदार महिला, उसके बेटे और एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस ने करीब 1700 किलोमीटर तक आरोपियों का पीछा किया। इस दौरान टीम ने राजस्थान के कई इलाकों के अलावा मध्य प्रदेश तक आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। आखिरकार कोटपूतली के पास पुलिस ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों को पकड़ लिया।

जयपुर प्रॉपर्टी कारोबारी किडनैपिंग में 2 करोड़ की फिरौती
पुलिस के अनुसार, घटना 21 अगस्त को झोटवाड़ा थाना क्षेत्र के संजय नगर तिराहे के पास हुई। प्रॉपर्टी कारोबारी किसी काम से वहां गए थे। काफी समय बीतने के बाद जब वह घर नहीं लौटे तो परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की।
परिजनों ने कारोबारी के मोबाइल पर फोन किया, लेकिन फोन बंद मिला। इसके बाद परिवार के सदस्यों ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज देखी।
फुटेज में कथित तौर पर एक कार दिखाई दी, जिसमें कुछ लोग कारोबारी को लेकर जाते नजर आए। इसके बाद परिवार को कारोबारी के मोबाइल से फोन आया।
फोन करने वाले लोगों ने कथित तौर पर 2 करोड़ रुपए की फिरौती की मांग की। परिवार को धमकी दी गई कि अगर रकम नहीं दी गई या पुलिस को सूचना दी गई तो कारोबारी को नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
इस धमकी के बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया और मामले की जानकारी दी।
पूर्व किराएदार महिला पर साजिश रचने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया कि कारोबारी की पूर्व किराएदार महिला सोफिया बेगम को उनके घर और कारोबारी गतिविधियों के बारे में जानकारी थी।
पुलिस के अनुसार, सोफिया पहले प्रॉपर्टी कारोबारी के घर में किराए पर रहती थी। इसी वजह से उसे कारोबारी की दिनचर्या और परिवार से जुड़ी कई जानकारियां होने की बात सामने आई है।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पूर्व किराएदार महिला पर किडनैपिंग की योजना बनाने का आरोप सामने आया।
बताया गया है कि महिला ने अपने बेटों और परिचितों के साथ मिलकर कथित तौर पर कारोबारी को अगवा करने की योजना बनाई।
हालांकि, इस मामले में महिला और कुछ अन्य आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद ही पूरी साजिश और भूमिका के बारे में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

3 आरोपी गिरफ्तार, 3 की तलाश जारी
जयपुर पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सैफ अली उर्फ कालू, नाजिम कुरेशी उर्फ पार्ले और जावेद हुसैन शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, सैफ अली को मामले का कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
इसके अलावा पुलिस ने पूर्व किराएदार महिला सोफिया बेगम, उसके बेटे मुन्ना और परिचित समीर की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कथित वारदात में इस्तेमाल कार और हथियार भी बरामद किए हैं।
पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरी साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
1700 KM तक पुलिस ने किया आरोपियों का पीछा
जयपुर प्रॉपर्टी कारोबारी किडनैपिंग मामले की जांच में पुलिस ने CCTV फुटेज और मोबाइल लोकेशन को अहम आधार बनाया।
पुलिस टीम ने कारोबारी के मोबाइल की लोकेशन को ट्रेस करते हुए आरोपियों का पीछा शुरू किया। जांच के दौरान आरोपियों की गतिविधियां राजस्थान के अलग-अलग इलाकों से होती हुई मध्य प्रदेश की तरफ भी जाने की जानकारी मिली।
पुलिस के अनुसार, टीम ने टोंक, सवाई माधोपुर और कोटा सहित कई इलाकों में आरोपियों का पीछा किया। इसके बाद जब आरोपी दोबारा जयपुर की तरफ लौटे तो पुलिस ने उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए रखी।
करीब 1700 किलोमीटर पीछा करने के बाद पुलिस ने कोटपूतली क्षेत्र में आरोपियों की घेराबंदी की।
पुलिस को देखकर कार से भागने की कोशिश
पुलिस के मुताबिक, कोटपूतली में घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने पुलिस से बचने की कोशिश की।
आरोप है कि बदमाशों ने कार से भागते समय सड़क पर मौजूद राहगीरों को टक्कर मारने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी कार छोड़कर खेतों की ओर भागने लगे।
पुलिस टीम ने पीछा कर तीन आरोपियों को पकड़ लिया।
इस दौरान अन्य आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस अब उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
गैंग पर 35 से ज्यादा आपराधिक मामले
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ पहले से ही 35 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस अब इन मामलों की भी जानकारी जुटा रही है और आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गिरफ्तार आरोपियों का किसी अन्य आपराधिक गिरोह से संबंध तो नहीं है।
इसके साथ ही पुलिस किडनैपिंग में इस्तेमाल किए गए वाहन और हथियारों के स्रोत की भी जांच कर रही है।
कैसे बनाई गई कारोबारी को अगवा करने की योजना?
पुलिस के अनुसार, प्रॉपर्टी कारोबारी की आर्थिक स्थिति और उनके कामकाज की जानकारी आरोपियों को पहले से थी।
पूर्व किराएदार महिला कारोबारी के घर में किराए पर रह चुकी थी। इसलिए पुलिस को शक है कि उसे कारोबारी के परिवार और गतिविधियों की जानकारी थी।
पुलिस के मुताबिक, इसी जानकारी का इस्तेमाल करते हुए कथित तौर पर कारोबारी को निशाना बनाने की योजना बनाई गई।
आरोप है कि महिला ने अपने बेटे और परिचितों के साथ मिलकर पूरी साजिश तैयार की। इसके बाद गैंग के सदस्यों ने कारोबारी को अगवा किया और परिवार से फिरौती की मांग की।
फिलहाल पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
CCTV फुटेज और मोबाइल लोकेशन बनी अहम कड़ी
मामले की जांच में CCTV कैमरों की फुटेज महत्वपूर्ण साबित हुई। कारोबारी के लापता होने के बाद परिवार ने आसपास के CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी।
फुटेज में कारोबारी को एक कार में ले जाते हुए संदिग्ध लोगों के दिखाई देने की जानकारी पुलिस को दी गई।
इसके बाद पुलिस ने कारोबारी के मोबाइल फोन की लोकेशन को ट्रेस किया। अलग-अलग स्थानों पर मिली लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम आरोपियों के पीछे लगी रही।
लगातार निगरानी और करीब 1700 किलोमीटर के पीछा के बाद पुलिस कोटपूतली तक पहुंची और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
कारोबारी को पुलिस ने सुरक्षित छुड़ाया
पुलिस कार्रवाई के दौरान प्रॉपर्टी कारोबारी को सुरक्षित छुड़ा लिया गया।
फिरौती की रकम देने से पहले ही पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर उन्हें पकड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी थी। पुलिस की कार्रवाई के चलते कारोबारी को सुरक्षित बरामद किया गया।
अब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि फरार आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी
इस मामले में अभी तीन आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि किडनैपिंग की वारदात में किस आरोपी की क्या भूमिका थी और फिरौती की रकम की मांग किसके कहने पर की गई।
पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती है।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना है।
जयपुर में किडनैपिंग की घटना से मचा हड़कंप
राजधानी जयपुर में दिनदहाड़े कारोबारी के अपहरण और उसके बाद करोड़ों रुपए की फिरौती मांगने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
हालांकि पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कारोबारी को सुरक्षित छुड़ा लिया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस फरार आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
Table of Contents
- जयपुर प्रॉपर्टी कारोबारी किडनैपिंग का मामला
- 2 करोड़ रुपए की फिरौती की मांग
- पूर्व किराएदार महिला पर साजिश का आरोप
- 3 आरोपी गिरफ्तार, 3 फरार
- 1700 KM तक पुलिस ने किया पीछा
- कोटपूतली में पुलिस की घेराबंदी
- कार से भागने की कोशिश
- आरोपियों पर 35 से ज्यादा मामले
- CCTV और मोबाइल लोकेशन बनी अहम कड़ी
- कारोबारी को सुरक्षित छुड़ाया गया
- फरार आरोपियों की तलाश जारी
निष्कर्ष
जयपुर प्रॉपर्टी कारोबारी किडनैपिंग मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कारोबारी को सुरक्षित छुड़ा लिया है। 2 करोड़ रुपए की फिरौती मांगने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पूर्व किराएदार महिला समेत तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस ने CCTV फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर करीब 1700 किलोमीटर तक आरोपियों का पीछा किया और कोटपूतली में घेराबंदी कर कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से 35 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं।
मामले में पुलिस जांच जारी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद किडनैपिंग की पूरी साजिश से जुड़े और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
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