Jaipur Property Dispute: निर्माणाधीन मकान में तोड़फोड़, ज्वलनशील पदार्थ फेंकने का आरोप, CCTV में कैद हुई घटना
Jaipur Property Dispute: जयपुर के बिंदायका थाना क्षेत्र में प्लॉट विवाद के चलते निर्माणाधीन मकान में तोड़फोड़ और ज्वलनशील पदार्थ फेंकने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने मकान खाली कराने के लिए धमकी देने और लाखों रुपये के नुकसान का आरोप लगाया है।
Jaipur Property Dispute: निर्माणाधीन मकान में तोड़फोड़, ज्वलनशील पदार्थ फेंकने का आरोप, CCTV में कैद हुई घटना
Jaipur Property Dispute: जयपुर के बिंदायका थाना क्षेत्र में एक निर्माणाधीन मकान में कथित तौर पर तोड़फोड़ और ज्वलनशील पदार्थ फेंकने का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि प्लॉट विवाद के चलते कुछ लोगों ने सुनियोजित तरीके से मकान में घुसकर नुकसान पहुंचाया और उन्हें संपत्ति खाली करने के लिए लगातार धमकियां दी जा रही हैं। पूरी घटना मकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड होने का दावा किया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

प्लॉट विवाद से जुड़ा बताया जा रहा मामला
पीड़िता कृष्ण चुनर गौरवका के अनुसार उन्होंने वर्ष 2024 में सिरसी रोड स्थित आस्था होम्स योजना में लगभग 82 वर्गगज का एक प्लॉट सीमा यादव से खरीदा था। वहीं दूसरा प्लॉट लक्ष्मीकांत कोठारी से लिया गया, जिन्हें यह संपत्ति पहले सीमा यादव द्वारा बेची गई थी।
पीड़िता का कहना है कि प्लॉट खरीदने के बाद मकान का निर्माण कार्य शुरू किया गया और अक्टूबर 2025 तक मकान तैयार हो गया। इसके बाद से कुछ लोगों द्वारा लगातार मकान खाली करने का दबाव बनाया जाने लगा।
मकान खाली करने की धमकियां देने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि काश्तकार सुरज यादव काफी समय से मकान खाली करने के लिए दबाव बना रहे थे। पीड़िता के अनुसार अक्टूबर 2025 में रायु यादव द्वारा फोन पर धमकी दी गई थी। इसके बाद 29 जुलाई को भी कथित रूप से गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई।
पीड़िता का कहना है कि इन धमकियों के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिसके बाद कथित तौर पर तोड़फोड़ की घटना सामने आई।
रात के समय मकान में घुसकर की गई तोड़फोड़
शिकायत के मुताबिक 30 जुलाई की रात कुछ लोग मकान परिसर में पहुंचे और दोनों मकानों में कथित रूप से ज्वलनशील पदार्थ फेंककर नुकसान पहुंचाया। आरोप है कि मकान के विभिन्न हिस्सों में तोड़फोड़ भी की गई, जिससे भवन को काफी नुकसान हुआ।
पीड़ित पक्ष का दावा है कि यदि उस समय कोई व्यक्ति मकान के अंदर मौजूद होता तो गंभीर हादसा भी हो सकता था।
CCTV फुटेज में कैद होने का दावा
पीड़िता का कहना है कि पूरी घटना मकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियां दिखाई देने का दावा किया गया है। शिकायत के साथ सीसीटीवी रिकॉर्डिंग भी पुलिस को उपलब्ध कराई गई है, ताकि जांच में सहायता मिल सके।
हालांकि पुलिस ने अभी तक फुटेज की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच के बाद ही इसकी वास्तविकता स्पष्ट होगी।
करीब दो लाख रुपये के नुकसान का आरोप
पीड़ित परिवार का कहना है कि तोड़फोड़ और कथित आगजनी जैसी हरकतों से लगभग दो लाख रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है। मकान के निर्माण कार्य, सामग्री और अन्य हिस्सों को क्षति पहुंची है।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि इस पूरी घटना का उद्देश्य उन्हें मानसिक रूप से परेशान करना और संपत्ति छोड़ने के लिए मजबूर करना था।
पुलिस ने शुरू की जांच
पीड़िता ने 31 जुलाई को बिंदायका थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में सुरज यादव, सीमा यादव, रायु यादव सहित अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
बिंदायका थाना अधिकारी अनिल कुमार जैमिनी ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस सभी तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल मामले में लगाए गए सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। आरोपित पक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि किसी भी संपत्ति विवाद का समाधान कानून के दायरे में रहकर करें और किसी भी प्रकार की हिंसा या तोड़फोड़ से बचें।
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